कुदरत का कहर! रामबन में बादल फटने से मची तबाही, तीन लोग मारे गए, श्रीनगर हाईवे बंद

Rajesh Singhal
Published on: 20 April 2025 1:30 PM IST
Cloud Burst in Jammu Kashmir: रामबन जिला इस समय भयंकर प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। लगातार भारी बारिश ने सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, जिससे कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं।(Cloud Burst in Jammu Kashmir) लगातार हो रही बारिश और लगातार हो रहे भूस्खलन ने हालात और खराब कर दिए हैं, जिससे लोग परेशान और असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। रविवार को तड़के जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले के एक गांव में भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ आ गई, जिसके बाद 100 से ज्यादा लोगों को बचाया गया।

भूस्खल की वजह से कई सड़कें बंद

अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि लगातार बारिश के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर नाशरी और बनिहाल के बीच करीब एक दर्जन जगहों पर भूस्खलन और मिट्टी धंस गई, जिसके कारण यातायात को रोकना पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि रामबन के सेरी बागना गांव में बादल फटने से तीन लोगों की मौत हो गई, जिसमें आकिब अहमद और मोहम्मद साकिब दो भाई भी शामिल हैं। रामबन जिले के बनिहाल इलाके में भी भारी भूस्खलन हुआ है, जिससे जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। सैकड़ों वाहन हाईवे पर फंसे हुए हैं। इसी तरह किश्तवाड़-पद्दर मार्ग को भी एहतियातन बंद कर दिया गया है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि मौसम पूरी तरह साफ होने तक यात्रा न करें।

बाढ़ में बह गए कई वाहन

अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि नाले के उफान पर होने से आई बाढ़ में कई वाहन बह गए। यातायात विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि नाशरी और बनिहाल के बीच कई स्थानों पर भूस्खलन, मिट्टी धंसने और पत्थर गिरने के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। उन्होंने बताया कि राजमार्ग पर बारिश जारी है और यात्रियों को मौसम में सुधार होने और सड़क साफ होने तक मुख्य सड़क पर यात्रा न करने की सलाह दी गई है। बता दें कि भारी बारिश की वजह से पानी कई घरों में घुस गया है, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। स्थिति खास तौर पर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए गंभीर है, जो सबसे ज्यादा जोखिम में हैं। हालांकि, प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है, लेकिन खराब मौसम और दुर्गम इलाके उनके प्रयासों के लिए बड़ी चुनौतियां पेश कर रहे हैं।

धर्मकुंड में 100 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

रामबन जिले के धर्मकुंड गांव में भी लैंडस्लाइड के कारण बड़ा नुकसान हुआ है। चेनाब नदी के पास बसे इस गांव में करीब 10 मकान पूरी तरह से ढह गए, जबकि 25 से 30 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। पुलिस और प्रशासन की टीम ने तत्परता दिखाते हुए लगभग 90 से 100 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। वहीं केंद्रीय मंत्री और उधमपुर से सांसद डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि रामबन और आसपास के इलाकों में तेज हवाएं, ओलावृष्टि और भारी बारिश के चलते कई जगह भूस्खलन हुआ है। उन्होंने कहा कि नेशनल हाईवे को अस्थायी रूप से बंद किया गया है और वे स्वयं जिला प्रशासन के लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने प्रशासन की तत्परता की सराहना की और भरोसा दिलाया कि ज़रूरत पड़ने पर निजी स्तर पर भी हर संभव मदद की जाएगी।
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Rajesh Singhal

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