Waqf Amendment Bill: वक्फ बाय यूजर क्या है ? सरकार ने वक्फ बिल से क्यों हटाया यह प्रावधान?
Waqf Amendment Bill: देश में सियासी सरगर्मी की वजह बना वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा के बाद आज तीन अप्रैल को राज्यसभा में पेश किया गया। (Waqf Amendment Bill) इस बिल के जरिए सरकार ने वक्फ एक्ट में कई संशोधन किए हैं। वक्फ एक्ट में एक प्रावधान वक्फ बाय यूजर भी था। यह इस एक्ट का सबसे विवादित प्रावधान बताया जा रहा है, जिसे संशोधन बिल के जरिए अब हटा दिया गया है। क्या है वक्फ बाय यूजर प्रावधान? इसे क्यों हटाया गया? तफ्सील से समझिए...
वक्फ बाय यूजर प्रावधान की छुट्टी !
देशभर में सियासी बहस के बीच वक्फ संशोधन बिल को कल लोकसभा में पेश किया गया और आज तीन अप्रैल को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल रखा। सरकार ने वक्फ संशोधन बिल के जरिए वक्फ बोर्ड के गठन से लेकर संपत्तियों को लेकर कई बदलाव किए हैं। इनमें वक्फ बाय यूजर प्रावधान को हटाना भी शामिल है। बताया जा रहा है कि वक्फ बाय यूजर ही वक्फ एक्ट का सबसे विवादित प्रावधान था। जिसे अब संशोधन के जरिए हटाया गया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस प्रावधान को हटाने का कारण भी बताया।
वक्फ बाय यूजर प्रावधान है क्या?
वक्फ के पुराने कानून के मुताबिक जिस जमीन को मस्जिद, इमामबाड़ा या कब्रिस्तान के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है, उसे वक्फ संपत्ति मान लिया जाता। भले वक्फ बोर्ड के पास इस जमीन के मालिकाना दस्तावेज ना हों। जबकि संशोधन के बाद ऐसा नहीं होगा। वक्फ संशोधन बिल के नए प्रावधानों के मुताबिक अब सिर्फ वही संपत्ति वक्फ की मानी जाएगी, जिसे वसीयत या लिखित दस्तावेज के जरिए वक्फ को दिया गया है। वक्फ बोर्ड के पास संपत्ति के कानूनी दस्तावेज होना जरुरी होगा।
वक्फ एक्ट में अब क्या प्रावधान?
वक्फ संशोधन बिल के नए प्रावधान के मुताबिक अगर किसी सम्पत्ति को सालों से मस्जिद या कब्रिस्तान के तौर पर उपयोग लिया जा रहा है और उसके दस्तावेज वक्फ के पास नहीं हैं, तो यह संपत्ति वक्फ की नहीं मानी जाएगी। नए प्रावधान के अनुसार कलेक्टर वक्फ की हर संंपत्ति की जांच करेंगे। सरकार का कहना है कि पहले इस तरह की शिकायतें मिल रही थीं कि वक्फ बोर्ड बिना किसी दस्तावेज के संपत्ति पर कब्जा कर रहा था। जिसके बाद यह संशोधन किया गया है, अब वक्फ बोर्ड बिना कानूनी दस्तावेज के किसी संपत्ति को अपनी होने का दावा नहीं कर सकेगा।
'प्रॉपर्टी के दस्तावेज तो होने चाहिए'
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल पर कहा कि किसी की भी संपत्ति हो उसके कानूनी दस्तावेज तो होने ही चाहिए। आप मुंह से कह देंगे कि यह प्रॉपर्टी हमारी है, ऐसा अब नहीं चलेगा। अब सिर्फ इस्तेमाल के आधार पर किसी संपत्ति को वक्फ बोर्ड की घोषित नहीं किया जाएगा। इस प्रावधान को हटा दिया गया है। वक्फ बाय यूजर में पहले से सैटल केस या रजिस्टर्ड प्रॉपर्टी से छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। मगर कोई विवाद है तो अदालत जाने का अधिकार हम खत्म नहीं कर सकते। क्योंकि जमीन राज्यों का विषय है, केंद्र सरकार का नहीं।
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