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शाहजहांपुर की अनोखी लव स्टोरी! जेंडर बदलवाने वाले शरद बने पिता, पत्नी सविता ने दिया बेटे को जन्म

क्या कोई इंसान जेंडर बदलकर पिता बन सकता है... क्या विज्ञान इतना आगे बढ़ चुका है कि असंभव भी संभव लगने लगे ...क्या समाज ऐसे बदलावों को सहजता से स्वीकार..
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Uttar pradesh News: क्या कोई इंसान जेंडर बदलकर पिता बन सकता है... क्या विज्ञान इतना आगे बढ़ चुका है कि असंभव भी संभव लगने लगे ...क्या समाज ऐसे बदलावों को सहजता से स्वीकार कर सकता है... इन सवालों के जवाब आपको उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की इस अनोखी कहानी में मिलेंगे...जो हैरान भी करेगी और चेहरे पर मुस्कान भी ले आएगी ।

सरिता... जो बेटी के रूप में जन्मी थी... विज्ञान की मदद से पुरुष बनी और शरद सिंह के रूप में अपनी पहचान बनाई । (Uttar pradesh News) उन्होंने अपने करीबी मित्र सविता से शादी की और अब उनकी जिंदगी में एक बड़ी खुशी आ गई...वह अब पिता बन गए़ ! यह कहानी सिर्फ लिंग परिवर्तन की नहीं बल्कि हिम्मत, प्यार और समाज की बदलती सोच की भी है। आईए जानते हैं कि कैसे सरिता से शरद बनने की है यात्रा पूरी हुई और कैसे उनके घर में किलकारी गूंज उठी!

लड़कों की तरह कपड़े पहनना, बोलचाल...

शरद सिंह (सरिता) काकोरी एक्शन के बलिदानी ठाकुर रोशन सिंह के परिवारी हैं। उनका जन्म ठाकुर रोशन सिंह की बतौर प्रपौत्री हुआ था। जब उनकी पहचान सरिता के तौर पर थी, तब भी लड़कों जैसे हाव-भाव थे। लड़कों की तरह कपड़े पहनना, बोलचाल का तरीका आदि...।

वर्ष 2022 में उन्होंने तय किया कि अब लिंग परिवर्तन करा लड़का बनेंगी। इसके लिए उन्होंने लखनऊ में हार्मोंस थेरेपी कराई। धीरे-धीरे उनके चेहरे पर दाढ़ी आ गई, आवाज भी पुरुषों की तरह भारी हो गई थी। 2023 में उन्होंने मध्यप्रदेश के इंदौर में सर्जरी कराकर लिंग परिवर्तन करा लिया था।

27 जून 2023 को तत्कालीन डीएम उमेश प्रताप सिंह ने उन्हें लिंग परिवर्तन का प्रमाणपत्र दिया। इसके बाद उन्हें शरद रोशन सिंह के नाम से नई पहचान मिली। 23 नवंबर 2023 को पीलीभीत निवासी महिला मित्र सविता से उन्होंने विवाह कर लिया था। बुधवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर सविता को जैन अस्पताल में भर्ती कराया गया। शाम पांच बजे उन्होंने बेटे को जनम दिया। शरद ने बताया कि जिन परिस्थितियों से निकलकर पिता बनने का सुख मिला है, वह जीवन की सबसे बड़ी खुशी है। शरद का घर नवादा दरोवस्त गांव में है। वह सरकारी स्कूल में सहायक अध्यापक हैं।

बरेली के वरिष्ठ फिजीशियन डा. सुदीप सरन के अनुसार यदि किसी में महिला एवं पुरुष दोनों के लक्षण हों तो ऐसी सर्जरी कराई जा सकती है। उसमें इच्छानुसार, महिला संबंधी अंग शरीर से हटा दिए जाते हैं। हार्मोंस आदि देकर पुरुषों के लक्षण बढ़ाए जाते हैं, जोकि संतान उत्पत्ति भी कर सकते हैं।

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