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Mahanaryaman Scindia: अरबों की दौलत, 4000 करोड़ का महल, राजसी ठाठ-बाट के बावजूद भी सब्जी-भाजी बेचता है यह राजकुमार, पढ़ें पूरी खबर

Mahanaryaman Scindia: ग्वालियर। जिस नाम में के आगे 'युवराज' और सरनेम 'सिंधिया' हो तो आप उसकी लग्जरी लाइफस्टाइल, उनकी हैसियत, रुतबे का अंदाजा आसानी से लगा लेंगे
04:49 PM Apr 03, 2025 IST | Pushpendra Trivedi

Mahanaryaman Scindia: ग्वालियर। जिस नाम में के आगे 'युवराज' और सरनेम 'सिंधिया' हो तो आप उसकी लग्जरी लाइफस्टाइल, उनकी हैसियत, रुतबे का अंदाजा आसानी से लगा लेंगे। ग्वालियर के राजघराने की विरासत जिनके कंधों पर है। रहने के लिए 40,000 करोड़ रुपये का जय विलास पैलेस और तिजोरी में अरबों की दौलत। इन तमाम बातों से ये अंदाजा लगाना आसान नहीं है कि इस युवराज के ठाठ-बाट में कोई कमी नहीं होगी।

लेकिन, ग्वालियर के राजघराने के युवराज ने पुश्तैनी दौलत और शोहरत को नहीं बल्कि अपने मन के काम को चुना। उन्होंने अपने दम पर अपनी नई पहचान बनाने की कोशिश की। करोड़ों-अरबों की दौलत के बावजूद युवराज महाआर्यमन सिंधिया सब्जी-भाजी बेचने की कंपनी चला रहे हैं।

ऐशो आराम छोड़कर बेचते हैं सब्जी

आमतौर पर युवराज शाही खानदान के रौब में भरे रहते हैं। अथाह दौलत के दम पर उन्हें काम-धंधे की कुछ खास फिकर नहीं रहती, लेकिन सिंधिया परिवार के युवराज अलग सोच रखते हैं। उन्होंने पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया की राजनीति, राज परिवार की विरासत से इतर फल-सब्जी बेचने का काम शुरू किया। लोगों ने ताने भी सुनाए कि युवराज महल से सब्जी बेच रहे हैं, लेकिन आर्यमन ने तो ठान रखी थी कि कुछ अपने दम पर करना है।

दून स्कूल में पढ़ाई के दौरान ही आर्यमन ने ठान लिया था कि वो अपने दम पर अपना खुद का नाम बनाएंगे। दोस्त के साथ मिलकर साल 2021 में उन्होंने Myमंडी नाम से स्टार्टअप शुरू किया। महाआर्यमन Myमंडी के को-फाउंडर हैं। वो अपने इस बिजनेस आइडिया को आगे बढ़ाने में जुटे हैं। शुरुआत में वो खुद सुबह-सुबह मंडी जाकर ताजी फल-सब्जियां खरीदकर उसे अपने ऐप के जरिए लोगों तक पहुंचाते थे।

खुद का स्टार्टअप किया खड़ा

महाआर्यमन की मायमंडी ऑनलाइन एग्रीगेटर है। यह फल और सब्जियों की सप्लाई करती है। यह स्टार्टअप थोक में सब्जी-भाजी खरीदती है और लोगों तक पहुंचाती है। इस स्टार्टअप से उनके साथ किसान जुड़े हैं। वे अपने दोस्त सूर्यांश राणा के साथ मिलकर कृषि स्टार्टअप कंपनी MYमंडी की शुरूआत की। यह मंडी पांच शहरों में है और धीरे-धीरे इसका दायरा बढ़ रहा है।

महाआर्यमन ने बताया कि वे इस व्यापार से इतना प्यार करते हैं कि खुद ही सामान लेने के लिए मंडी जाते हैं। पहचान छुपाने के लिए चेहरा कवर करते हैं। सितंबर 2023 में कंपनी ने 1.2 मिलियन डॉलर के वैल्यूएशन पर फंड रेज किया था। रतन टाटा ने भी इनके स्टार्टअप में निवेश किया। वे सोशल मीडिया पर भी काफी लोकप्रिय हैं और लोगों के बीच जाकर अपने काम के बारे में चर्चा करते हैं।

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