जज कैश कांड में अरोड़ा का बयान बना जांच का टर्निंग पॉइंट, सियासी भूचाल के संकेत
Justice Yashwant Varma : दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास में आग बुझाने के दौरान कथित रुप से भारी मात्र में नकदी मिलने के मामले की जांच कर रही समिति के सामने दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा ने अपना बयान दर्ज कराया। इस मामले में नई दिल्ली जिले के डिप्टी कमीश्नर देवेश महाल का भी बयान लिया गया है।(Justice Yashwant Varma ) सुत्रों की माने तो मामले की जांच के लिए देश के प्रधान न्यायाधीश (CJI ) संजीव खन्ना ने तीन जजों की समिति की गठन किया है। जिसके सामने बयान दर्ज कराने के लिए पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा चाणक्यापुरी स्थित हरियाणा सरकार के गेस्ट हाउस पहुंचे थे।
अरोड़ा का बयान बना जांच का अहम हिस्सा
बयान दर्ज कराने के बाद पुलिस कमिश्नर संजस अरोड़ा रात 8 बजे बाद समिति के कार्यालय से रवाना हुए। सुत्रों की मानें तो इस दौरान उन्होंने समिति के सामने अपना विस्तृत बयान दर्ज कराया और समिति के सदस्यों ने उनसे कई अहम सवाल भी किए। इस पूरे मामले में संजय अरोड़ृा का बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि आग लगने की घटना के तुंरद बाद सबसे पहले उन्होंने ही दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय को फोन कर इसकी जानकारी दी थी।
नकदी मिलने की तस्वीरें... वीडियो
पुलिस कमिश्नर ने यशवंत वर्मा के आवास पर आग बुझाने के दौरान नकदी मिलने की तस्वीरें और वीडियो भेजी थी। कमिश्नर ने समिति को पुलिस के उन अधिकारियों के नाम भी बताएं हैं, जिन्होंने जस्टिस वर्मा के घर आग बुझाने के दौरान नकदी मिलने की जानकारी, तस्वीरें और वीडियो उन्हें भेजी थी। इससे पहले, नई दिल्ली जिला के डिप्टी कमिश्नर देवेश महाला भी बयान दर्ज किए गए।
तीन जजों की समिति का गठन
इस मामले की जांच के लिए CJI ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शील नागू, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और कर्नाटक हाईकोर्ट की न्यायाधीश जस्टिस अनु शिवरमन की तीन सदस्यीय आंतरिक जांच समिति गठित की थी। समिति जल्द ही अब जस्टिस वर्मा को भी बयान दर्ज कराने के लिए बुलाएगी।
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