वक्फ बिल पास, बीजेपी को मिला नया संबल, संसद का आंकड़ा बदला, विपक्ष हुआ बेबस!
Waqf Bill: वक्फ संशोधन विधेयक अब दोनों सदनों से पारित हो चुका है। राज्यसभा में यह बिल 128 वोटों के समर्थन और 95 विरोध के बीच पास हुआ। इससे पहले लोकसभा में भी यह बिल 288 सांसदों के पक्ष और 232 के विरोध के साथ पारित किया गया। गौरतलब है कि 2 अप्रैल को लोकसभा में दिनभर चली बहस के बाद रात 12 बजे के बाद वोटिंग की प्रक्रिया शुरू हुई। फिर लगभग रात 2 बजे, विधेयक को लोकसभा में भी मंजूरी मिल गई।
जानिए लोकसभा-राज्यसभा का गणित
लोकसभा में बिल को पारित करने के लिए कम से कम 272 वोटों की जरूरत थी। भाजपा के सांसदों की संख्या 240 है। उनके सहयोगियों JDU के 12 सांसद हैं, TDP के 16 सांसद, LJP के 5 सांसद, RLD के 2 सांसद और शिवसेना के 7 सांसदों को जोड़ दें तो ये संख्या 282 हो जाती है जेडीएस, अपना दल आदि सहयोगियों को जोड़कर संख्या 288 तक पहुंच गई और लोकसभा में बिल पास हो गया. मतलब बीजेपी के एजेंडे वाले बिल को सभी सहयोगी दलों ने जोरदार समर्थन किया।
वहीं इसी तरह राज्यसभा में बीजेपी के 98, जदयू के 4, एनसीपी के 3, टीडीपी के 2. जेडीएस के 1, शिवसेना का 1, रालोद का 1 सहित कुल एनडीए के 119 सांसद हैं। बिल पास कराने के लिए इतने ही जरूरी थे। मगर बिल के पक्ष में पड़े 128 वोट। इसमें 7 मनोनीत सांसदों के वोट भी शामिल हो गए। राज्यसभा में 3 अप्रैल को दिनभर चर्चा के बाद रात 2 बजकर 32 मिनट पर बिल पास हो गया।
जानिए वक्फ के साथ कैसे हुई पास बीजेपी
अब इस सवाल का जवाब भी जान लीजिए2024 के लोकसभा चुनाव में जब बीजेपी बहुमत के आंकड़े 272 से पीछे 240 पर रुक गई तो सरकार के भविष्य को लेकर तमाम तरह के दावे किए जाने लगे। नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू को लेकर कहा जाने लगा कि अब इन दोनों की बार्गेनिंग पॉवर काफी बढ़ जाएगी और मोदी सरकार अब अपने मूल एजेंडे से भटक जाएगी।सरकार का सारा ध्यान जदयू और टीडीपी को मैनेज करने में ही लगा रहेगा और अगर एक ने पाला बदला तो सरकार खतरे में आ जाएगी। नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली तो विपक्ष ने संसद से लेकर सड़क तक माहौल बनाया कि सरकार अल्पमत में है।
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