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सियासी समीकरण बिगड़े! वक्फ बिल से JDU की चिंता गहराई, नीतीश को गठबंधन में दिखी दरार

बिहार में चुनावी मौसम धीरे-धीरे गरमाने लगा है, और ऐसे में वक्फ संशोधन विधेयक राज्य की सियासत में नया मोड़ लेता...
10:17 PM Apr 04, 2025 IST | Rajesh Singhal

Waqf Bill: बिहार में चुनावी मौसम धीरे-धीरे गरमाने लगा है, और ऐसे में वक्फ संशोधन विधेयक  राज्य की सियासत में नया मोड़ लेता दिख रहा है। संसद में बिल के पारित होते ही राज्य में राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। (Waqf Bill )खासकर जेडीयू और नीतीश कुमार की स्थिति को लेकर चर्चाएं ज़ोर पकड़ रही हैं। मुसलमान वोटरों की नाराजगी और विपक्ष के हमलों के बीच, सवाल उठ रहा है...क्या नीतीश कुमार की मुश्किलें वाकई बढ़ गई हैं?

 सिद्दीकी के इस्तीफे की खबर से मचा सियासी हलचल

वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर जारी सियासी खींचतान के बीच तबरेज सिद्दीकी के इस्तीफे की खबरों ने जेडीयू में हलचल मचा दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिद्दीकी ने पार्टी के रुख से नाराज होकर इस्तीफा दिया और दावा किया कि वे जद(यू) के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राज्य महासचिव हैं।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि इस्तीफे फर्जी हैं, क्योंकि संबंधित व्यक्ति कभी संगठन के किसी पद पर रहे ही नहीं। बावजूद इसके, इस घटनाक्रम ने पार्टी के भीतर असंतोष की चर्चाओं को हवा दे दी है।

वक्फ विधेयक पर इस्तीफों से तेज हुई सियासी हलचल

वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर जद (यू) में मची हलचल और गहराती दिख रही है। पूर्वी चंपारण से मोहम्मद कासिम अंसारी और जमुई से नवाज मलिक ने सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफे सार्वजनिक कर पार्टी में संकट की अटकलें बढ़ा दी हैं। हालांकि जद (यू) प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने इन इस्तीफों को साजिश बताया है।

उन्होंने कहा कि दोनों व्यक्ति पार्टी से औपचारिक रूप से जुड़े नहीं थे। वहीं, गुलाम रसूल बलियावी और सैयद अफजल अब्बास जैसे वरिष्ठ मुस्लिम नेताओं ने विधेयक में सुझाए गए अहम सुझावों को नजरअंदाज किए जाने पर नाराजगी जताई है।

विधानसभा चुनाव में देखा जा सकता असर...

दोनों नेताओं ने केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा लाए गए विधेयक का समर्थन करने के लिए पार्टी के नेतृत्व की स्पष्ट रूप से आलोचना नहीं की। विधेयक के संबंध में JDU  के फैसले से नाराज हुए लोगों का मानना है कि इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में इसका (विधेयक का समर्थन करने) गंभीर परिणाम हो सकता है।

दशकों से भारतीय जनता पार्टी (BJP ) का सहयोगी होने के बावजूद मुख्यमंत्री की 'धर्मनिरपेक्ष' नेता की छवि होने के कारण JDU  को कुछ मुस्लिम वोट मिलते रहे हैं। JDU  के एक पदाधिकारी ने  दावा किया कि अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की बैठक शुक्रवार को निर्धारित की गई थी, लेकिन 'इसे अंतिम समय में इस डर से रद्द कर दिया गया कि कहीं इसकी खामियां उजागर न हो जाएं।' इस बीच, बिहार के मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD ) ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर छेड़छाड़ की गई एक तस्वीर साझा कर निशाना साधा। इस तस्वीर में  JDU के प्रमुख खाकी रंग के शॉर्ट्स और काली टोपी पहने हुए नजर आ रहे हैं।

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