नेशनलराजनीतिमनोरंजनखेलहेल्थ & लाइफ स्टाइलधर्म भक्तिटेक्नोलॉजीइंटरनेशनलबिजनेसआईपीएल 2025चुनाव

Waqf Amendment Bill 2025: BJP ने Waqf Bill पर बाज़ी मारी, नीतीश-चंद्रबाबू के लिए क्यों पड़ी भारी?

वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पास, JDU-TDP में बगावत के संकेत। नीतीश-नायडू की सेक्युलर छवि पर असर, मुस्लिम वोट बैंक में दरार! BJP सहयोगियों पर भारी?
12:14 PM Apr 04, 2025 IST | Rohit Agrawal

वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 संसद के दोनों सदनों से पास हो गया। लोकसभा में 288-232 और राज्यसभा में 128-95 वोटों से यह बिल कानून बनने की राह पर है। बीजेपी के लिए यह बड़ी कामयाबी है, लेकिन इसके पीछे उसके सहयोगी दलों का साथ अहम रहा। नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू, जो सालों से सेक्युलर छवि और अल्पसंख्यक वोटों के दम पर सत्ता में रहे, इस बार बीजेपी के साथ खड़े हो गए। नतीजन बिल तो पास हो गया, लेकिन दोनों नेताओं ने अपने ही समर्थकों को नाराज कर दिया। JDU में बगावत हो रही है, तो TDP में भी असंतोष की चिंगारी सुलग रही है। आइए, इस कहानी को समझते हैं।

नीतीश ने दिया साथ तो JDU के कुनवे में पड़ी दरार

नीतीश कुमार की JDU ने वक्फ बिल का पूरा समर्थन किया। लोकसभा में पार्टी नेता ललन सिंह ने कहा कि यह बिल मुस्लिम विरोधी नहीं, बल्कि पारदर्शिता के लिए है। मगर नीतीश की सेक्युलर छवि पर सवाल उठने लगे। बिहार में अल्पसंख्यक वोट JDU की रीढ़ रहे हैं, लेकिन इस फैसले ने उनके अपने घर में आग लगा दी। पूर्वी चंपारण के नेता मोहम्मद कासिम अंसारी ने पार्टी छोड़ दी। अपने इस्तीफे में उन्होंने लिखा कि मैंने नीतीश जी को सेक्युलर विचारधारा का ध्वजवाहक माना, लेकिन अब यह भरोसा टूट गया। JDU का रुख लाखों मुस्लिम कार्यकर्ताओं के लिए सदमा है।"

इसके अलावा, JDU के महासचिव और पूर्व राज्यसभा सांसद गुलाम रसूल बलियावी ने भी बिल की आलोचना की। उन्होंने कहा कि मुस्लिम संगठनों की सिफारिशों को नजरअंदाज किया गया। बलियावी ने एदारा-ए-शरिया के बैनर तले आंदोलन की धमकी दी और कहा, "हम बिल की बारीकियां देखेंगे और इसके खिलाफ लड़ेंगे।" पिछले साल नीतीश की इफ्तार पार्टी का बहिष्कार करने वाले इस संगठन ने फिर आपत्ति जताई। JDU MLC गुलाम गौस, जो शुरू से बिल के खिलाफ थे, ने कहा, "मैंने अगस्त 2024 में भी विरोध किया था, और आज भी करता हूं।" नीतीश के लिए यह मुश्किल वक्त है—बीजेपी का साथ निभाने की कीमत उनके अपने लोग चुका रहे हैं।

चंद्रबाबू की हां से TDP में बढ़ी टेंशन

आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू की TDP ने भी बिल को सपोर्ट किया, लेकिन पूरी सहमति नहीं थी। पार्टी ने लोकसभा में कहा कि वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिमों को शामिल करने का फैसला राज्य सरकारों पर छोड़ देना चाहिए। TDP ने बिल पेश होने से पहले खूब मंथन किया और इस प्रावधान में बदलाव की मांग की। आंध्र वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अब्दुल अजीज, जो TDP के बड़े नेता हैं, ने कहा, "कोई भी वक्फ बोर्ड इस बिल से खुश नहीं हो सकता। यह हमारी ताकत छीन रहा है। हमें गैर-मुस्लिमों को शामिल करने पर आपत्ति है।" चंद्रबाबू ने गुरुवार सुबह उन्हें भरोसा दिया कि बोर्ड में गैर-मुस्लिम नहीं होंगे, लेकिन यह आश्वासन कितना कारगर होगा, यह वक्त बताएगा।

वहीं TDP का मुस्लिम समुदाय से पुराना नाता रहा है। चंद्रबाबू ने मार्च में इफ्तार पार्टी में कहा था कि उनकी सरकार वक्फ संपत्तियों की हिफाजत करेगी। मगर बिल को हरी झंडी देने से पार्टी के भीतर और बाहर सवाल उठ रहे हैं। अल्पसंख्यक वोट, जो आंध्र में TDP की ताकत हैं, अब नाराजगी का शिकार हो सकते हैं।

क्या BJP की मनमानी सहयोगियों को ले डूबेगी?

बीजेपी के लिए यह बिल हिंदुत्व एजेंडे की जीत है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह मुस्लिम गरीबों के लिए है, न कि धार्मिक हस्तक्षेप के लिए। मगर विपक्ष इसे संविधान और अल्पसंख्यक अधिकारों पर हमला करार दिया है। AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी ने नीतीश और चंद्रबाबू को कोसते हुए कह दिया कि मुसलमानों ने आपको वोट दिया और आपने हमें धोखा दिया। वहीं कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी कहा था कि यह बिल अल्पसंख्यकों के हक छीन रहा है।"

बता दें कि नीतीश और चंद्रबाबू ने बीजेपी का साथ देकर बिल तो पास करा लिया लेकिन उन्होंने अपने वोट बैंक को नाराज कर बैठे। JDU में दो नेताओं का इस्तीफा और TDP में असंतोष इसकी बानगी है। दोनों की सेक्युलर छवि दांव पर लग गई। बिहार और आंध्र में अगले चुनावों में इसका असर दिखेगा। बीजेपी खुश है, लेकिन उसके सहयोगी अब अपने ही लोगों से सवालों का सामना कर रहे हैं। क्या यह जीत उनकी हार का सबब बनेगी? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

यह भी पढ़ें:

Waqf Amendment Bill 2025: सुप्रीम कोर्ट में चुनौती की तैयारी, कांग्रेस और DMK खटखटाएंगे कोर्ट का दरवाजा

वक्फ बिल कानून बन गया तो क्या होगा? 5 पॉइंट में समझ लीजिए पूरा माजरा

Tags :
Amit ShahAsaduddin OwaisibjpChandrababu NaidujduMinority PoliticsMuslim Vote BankNitish KumarParliamentTDPWaqf Bill 2025

ट्रेंडिंग खबरें

Next Article