इतनी मुस्लिम चिंता क्यों? भाजपा को जिन्ना से भी बड़ा हितैषी बनाने का शौक! उद्धव का हमला
Uddhav Thackeray: भारतीय राजनीति में हिंदुत्व बनाम सेकुलरिज्म की बहस कोई नई नहीं है, लेकिन जब यही बहस उन्हीं दलों के खिलाफ हो जाए जो खुद हिंदुत्व का ध्वजवाहक बताते रहे हैं, तो सवाल उठना लाजिमी हो जाता है। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भाजपा के वक्फ बिल को मुसलमान के हित में बताने वाली दलीलों पर जबरदस्त तंज कसा है।
उद्धव ठाकरे ने भाजपा और उसके सहयोगियों की वक्फ बिल पर "मुस्लिम प्रेम" को लेकर कहा कि अगर यही रुख पहले अपनाया होता तो शायद मोहम्मद अली जिन्ना भी शर्मिंदा हो जाते । (Uddhav Thackeray) ठाकरे ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा अब मुसलमान के हित की बात कर रही है, तो फिर असली हिंदुत्व किसने छोड़ा ? उन्होंने यह सवाल उठाया कि अगर भाजपा को खुद सेकुलर घोषित कर रही है और मुसलमान के हित की बात कर रही है, तो फिर उन पर हिंदुत्व को छोड़ने का आप क्यों लगाया जाता रहा है?
ठाकरे का यह बयान सिर्फ एक राजनीतिक हमला नहीं बल्कि भाजपा की विचारधारा में आ रही बदलाव की ओर इशारा भी करता है। सवाल यही है कि क्या भाजपा की यह रणनीति राजनीतिक मजबूरी है, या फिर उसकी विचारधारा में वाकई कोई बदलाव आ रहा है?
भाजपा पर साधा निशाना...
गुरुवार को अपने आवास मातोश्री में मीडिया से बातचीत के दौरान उद्वव ठाकरे ने भाजपा पर करारा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा तीसरी बार सत्ता में आने के बावजूद हिंदू- मुस्लिम राजनीति कर रही है, जिसे साफ पता चलता है कि सरकार असल मुद्दों से जनता का ध्यान भटका रही है। उन्होंने पूछा कि भाजपा की असली विचारधारा क्या है ? क्या यह सत्ता में बने रहने के लिए राजनीतिक एजेंडा को बदलने की रणनीति भर है ?
उद्वव ठाकरे ने भाजपा के दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर भाजपस को मुसलमानों में इतनी परेशानी है, तो उसे अपने झंडे से हरा रंग हटाने की हिम्मत दिखानी चाहिए। उन्होंने भाजपा नेताओं की ईद मनाने की तस्वीरों को हवाला देते हुए कहा कि एक ओर भाजपा मुसलमानों के त्योहार मनाती है, और दूसरी तरफ हिंदुत्व का ठेका लेकर दूसरों पर आरोप लगाती है।
वक्फ बिज भाजपा का जमीन हड़पने का षडयंत्र
उद्धव ठाकरे ने वक्फ बिल पर भाजपा की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह मुसलमानों के हित की बात नहीं, बल्कि सरकार द्वारा वक्फ कब संपत्तियों पर कब्जा करने की योजना है। उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह के संसद में दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर भाजपा सच में मुसलमान के हित की बात कर रही है तो फिर हिंदूत्व छोड़ने का आरोप शिवसेना पर क्यों लगाया जाता है।
ठाकरे ने आरोप लगाया कि सरकार यह बिल इसलिए लेकर आई ताकि अमेरिका आर्थिक प्रतिबंधों और बढ़ते महंगाई जैसे असली मुद्दों से ध्यान हटाया जा सके। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग किया कि वह देश को स्पष्ट करें कि अमेरिका द्वारा लगाए जा रहे शुल्कों से निपटने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है।
उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि जिस पार्टी ने हिंदुत्व के नाम पर राजनीति की, वह आज मुसलमान के लिए कानून बना रही है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर भाजपा की कथनी और करनी में इतना अंतर है, तो फिर यह स्पष्ट कर दे कि उसका असली एजेंडा क्या है ? क्या हिंदूत्व अब भाजपा की प्राथमिकता नहीं रही है ?
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