पश्चिम बंगाल पर रामनवमी पर बढ़ा सियासी पारा, सुवेंदु अधिकारी ने सीधे ममता बनर्जी को दी चुनौती
रामनवमी के मौके पर पश्चिम बंगाल में सियासत का तापमान काफी बढ़ गया है। एक तरफ विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी राम मंदिर बनाने के लिए नंदीग्राम में नींव रखने का ऐलान कर रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य के लोगों से शांति और भाईचारे के साथ इस पर्व को मनाने की अपील कर रही हैं। सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव से पहले बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि 6 अप्रैल को नंदीग्राम में राम मंदिर की नींव रखी जाएगी, जो बंगाल का सबसे बड़ा राम मंदिर होगा। इस मंदिर का उद्देश्य राज्य के लोगों में प्रभु श्री राम के प्रति श्रद्धा और आस्था को और अधिक प्रगाढ़ करना है। उनके अनुसार, इस वर्ष रामनवमी पर राज्यभर में 20,000 से ज्यादा जुलूस निकाले जाएंगे, जिसमें लाखों हिंदू श्रद्धालु हिस्सा लेंगे।
ममता बनर्जी ने की शांति बनाए रखने की अपील
ममता बनर्जी ने राज्य में शांति बनाए रखने का आह्वान किया है और केंद्र सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और केंद्र सरकार जानबूझकर राज्य में तनाव फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। ममता ने कहा कि जो लोग धर्म का पालन कर रहे हैं, वे स्वामी विवेकानंद के धर्म का पालन नहीं कर रहे हैं। यह लोग सिर्फ दंगा भड़काने की साजिश कर रहे हैं। इसके अलावा, ममता बनर्जी ने बीजेपी और वामपंथियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि रामनवमी का जश्न शांति के साथ मनाया जाए ताकि राज्य में अमन-चैन बनी रहे।
सुवेंदु अधिकारी ने किया पलटवार
सुवेंदु अधिकारी ने ममता की शांति की अपील पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि ममता के नेतृत्व में साल 2023 में रामनवमी के जुलूस पर हमला किया गया था। अब हम हिंदू समाज के लोग शांति से नहीं, बल्कि उत्साह के साथ रामनवमी मनाएंगे। उन्होंने कहा कि इस बार हर हिंदू घर-घर श्रीराम के नारे लगाएगा और हर गाड़ी पर भगवा ध्वज लहराएगा।
चुनाव के पहले नेता लगे सियासी जोड़-तोड़ में
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए इस बार रामनवमी का जश्न और भी बड़े पैमाने पर मनाया जाएगा। उन्होंने पुलिस को भी चेतावनी दी कि ममता बनर्जी की राजनीति में न फंसे, क्योंकि जय श्रीराम के नारों को दबाने की ताकत पुलिस के पास नहीं है। उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, और ऐसे में यह सियासी दांव-पेंच और बयानबाजी और तेज हो सकती है। बीजेपी और टीएमसी दोनों ही अपनी-अपनी रणनीतियों पर काम कर रहे हैं, ताकि आगामी चुनाव में अधिक से अधिक समर्थन प्राप्त किया जा सके।
अभी और विकट होंगे हालात
पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनावों को देखते हुए भाजपा और तृणमूल कांग्रेस पूरी तरह एक्टिव हो चुके हैं। पिछले चुनावों में हिंसा के माहौल को देखते हुए जहां भाजपा एक-एक कदम फूंक कर रख रहे हैं वहीं ममता बनर्जी मुस्लिम तुष्टिकरण की रणनीति पर काम कर रही है। इन घटनाओं के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्य की राजनीति कैसे आगे बढ़ती है और अगले चुनाव में इसका क्या प्रभाव पड़ता है।
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