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दुनियाभर के महान तबला वादको में एक थे जाकिर खान, जानिए कब मिली थी कौन सी उपाधि

दुनिया के महान तबला वादक जाकिर हुसैन का बीती रात निधन हो गया है। उन्हें भारत के सर्वोच्च सम्मान पद्मश्री, पद्मभूषण, पद्मविभूषण और ग्रैमी पुरस्कार से नवाजा गया है।
01:17 PM Dec 16, 2024 IST | Girijansh Gopalan
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तबला वादक जाकिर हुसैन को पद्मश्री, पद्मभूषण, पद्मविभूषण और ग्रैमी अवॉर्ड से नवाजा गया है।

दुनियाभर के लोगों का अपने तबला की धुन से मनमोह लेने वाले दिग्‍गज तबला वादक जाकिर हुसैन (Ustad Zakir Hussain) ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है। उनके जिस तबले की थाप दुनिया सुन रही थी, वो अब नहीं सुनाई देगी। बता दें कि जाकिर हुसैन का 73 वर्ष की उम्र में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को के एक अस्पताल में बीते रविवार को निधन हो गया है।

पद्मश्री, पद्मभूषण, पद्मविभूषण से सम्मानित

उस्ताद जाकिर हुसैन एक ऐसे कलाकार थे, जिन्होंने भारतीय ताल वाद्य तबले से पूरी दुनिया को परिचित कराया था। उन्हें भारत के सर्वोच्च सम्मान पद्मश्री, पद्मभूषण, पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया था। बता दें कि भारत के सबसे प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीतकारों में से एक जाकिर हुसैन को 1988 में पद्मश्री, 2002 में पद्मभूषण और 2023 में पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया था।

ग्रैमी पुरस्कार से हो चुके हैं सम्मानित

उस्ताद जाकिर हुसैन को संगीत की दुनिया में दिए जाने वाले सबसे बड़े सम्मान ग्रैमी अवॉर्ड से भी नवाजा गया है। उन्होंने अपने संगीत के करियर में 4 ग्रैमी पुरस्कार हासिल किए, जिनमें से तीन इस साल की शुरुआत में 66वें ग्रैमी पुरस्कार में मिले थे।

 

क्या है ग्रैमी पुरस्कार

अब आप सोच रहे होंगे कि ग्रैमी अवॉर्ड क्या होता है। बता दें कि ग्रैमी अवॉर्ड म्यूजिक इंडस्ट्री में उत्कृष्ट उपलब्धियों को सम्मानित करने के लिए दिया जाता है। इस अवॉर्ड को रिकॉर्डिंग अकादमी द्वारा दिया जाता है, जो अमेरिका में रिकॉर्डिंग कलाकारों, संगीतकारों, निर्माताओं और इंजीनियरों का एक प्रोफेशनल ऑर्गेनाइजेशन है। इसे म्यूजिक इंडस्ट्री में सबसे बड़े अवार्ड में से एक माना जाता है।

जाकिर हुसैन ने अमेरिका में 12 साल की उम्र में किया था शो

उस्ताद जाकिर हुसैन का जन्म 9 मार्च 1951 को मुंबई में हुआ था। उस्ताद अल्ला रक्खा जैसे महान तबला संगीतकार के बेटे जाकिर हुसैन ने बचपन से ही तबले पर अपनी उंगलियों से संगीत का जादू जगाना शुरू कर दिया था। बता दें कि जाकिर हुसैन का पहला म्यूजिक कॉन्सर्ट जब हुआ था, तब उनकी उम्र महज 11 साल थी। जिसके बाद उन्होंने 12 साल की उम्र में अमेरिका में शो किया था, कहा जाता है कि उसमें उन्हें 5 रुपये मिले थे। जाकिर हुसैन ने एक इंटरव्‍यू में कहते हैं कि 'मैंने जीवन में बहुत पैसे कमाए, लेकिन जो 5 रुपये मिले थे, वे सबसे ज्यादा कीमती थे।' इसके अलावा उन्होंने सन 1983 में आई ब्रिटिश फिल्म 'हीट एंड डस्ट' में शशि कपूर के साथ अभिनय भी किया था।

इस बीमारी से हुई मौत

जानकारी के मुताबिक जाकिर हुसैन को ब्लड प्रेशर की समस्या थी। वो हार्ट संबंधी समस्या के कारण पिछले दो सप्ताह से सैन फ्रांसिस्को के एक अस्पताल में भर्ती थे। उनके परिवार के मुताबिक हुसैन की मृत्यु इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस के कारण हुई है। वह पिछले दो सप्ताह से अस्पताल में भर्ती थे और इस दौरान उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें आईसीयू में लेकर जाया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई है। हुसैन की पत्नी कथक नृत्यांगना और शिक्षिका एंटोनिया मिनेकोला हैं और उनकी दो बेटियां अनीसा कुरैशी और इसाबेला कुरैशी हैं।

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