नेशनलराजनीतिमनोरंजनखेलहेल्थ & लाइफ स्टाइलधर्म भक्तिटेक्नोलॉजीइंटरनेशनलबिजनेसआईपीएल 2025चुनाव

वक्फ बिल विवाद: क्या देश में फिर शाहीन बाग जैसा आंदोलन होगा?

वक्फ संपत्तियों पर सरकार के बढ़ते अधिकारों वाला बिल विवादों में, मुस्लिम संगठन इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बताकर आंदोलन की चेतावनी दे रहे।
06:16 PM Apr 02, 2025 IST | Rohit Agrawal

दिल्ली के शाहीन बाग में चले लंबे आंदोलन की यादें तो सभी के दिमागों में होंगी, जब CAA और NRC को लेकर महीनों तक प्रदर्शन हुए थे। अब वक्फ संशोधन बिल से जुड़ा एक और नया विवाद सामने आने की आशंका है। दरअसल मुस्लिम संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर यह बिल पास हुआ तो पूरे देश में शाहीन बाग जैसा बड़ा आंदोलन करेंगे। सरकार का कहना है कि यह बिल वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाएगा, लेकिन विपक्ष और मुस्लिम नेताओं को इसमें धार्मिक स्वायत्तता पर हमला दिख रहा है। आइए जानते हैं कि यह मामला कितना गंभीर है और क्या वाकई देश को एक नए बड़े आंदोलन की ओर ले जा रहा है।

नया वक्फ बिल क्या बदलना चाहता है?

बता दें कि वक्फ संशोधन बिल का मुख्य उद्देश्य वक्फ संपत्तियों (मस्जिदों, कब्रिस्तानों और धार्मिक दान की जमीनों) के प्रबंधन में बदलाव करना है। इसके तहत जिला कलेक्टरों को यह अधिकार दिया जाएगा कि वे तय करें कि कोई संपत्ति वक्फ के अंतर्गत आती है या नहीं। अभी तक यह अधिकार वक्फ बोर्डों के पास होता था। सरकार का कहना है कि इससे वक्फ संपत्तियों के गलत इस्तेमाल पर रोक लगेगी और प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी। लेकिन मुस्लिम संगठनों का मानना है कि यह कदम उनकी धार्मिक संस्थाओं की स्वायत्तता को कमजोर करेगा।

मुस्लिम संगठनों का विरोध क्यों?

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) और AIMIM जैसे संगठनों ने इस बिल का जोरदार विरोध किया है। उनका कहना है कि यह बिल भेदभावपूर्ण है क्योंकि हिंदू और सिख धार्मिक ट्रस्टों की संपत्तियों में सरकार इस तरह का हस्तक्षेप नहीं कर रही। AIMPLB के प्रवक्ता डॉ. सैयद कासिम रसूल इलियास ने कहा, "यह बिल मुसलमानों के धार्मिक अधिकारों पर हमला है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि अगर बिल पास हुआ तो देशभर में शांतिपूर्ण आंदोलन किया जाएगा।

क्या फिर शाहीन बाग जैसा आंदोलन होगा?

2019-20 में CAA और NRC के खिलाफ हुए आंदोलनों ने देश की राजनीति को हिला दिया था। दिल्ली के शाहीन बाग में महीनों तक चले प्रदर्शनों ने राष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं। अब AIMIM के नेता शोएब जामई ने कहा है कि अगर वक्फ बिल पास हुआ तो देशभर में आंदोलन होगा और इसकी शुरुआत दिल्ली से होगी।

उन्होंने कहा कि हम वहीं से शुरू करेंगे जहां से पिछला आंदोलन खत्म हुआ था।" इससे साफ है कि मुस्लिम संगठन इस मुद्दे को लेकर गंभीर हैं और बड़े पैमाने पर विरोध की तैयारी कर रहे हैं।

हिंदू संगठनों का बड़ा धड़ा कर रहा है बिल को सपोर्ट

वक्फ बिल के समर्थकों का कहना है कि यह कदम जरूरी था क्योंकि कई वक्फ संपत्तियों का गलत इस्तेमाल हो रहा था। वरिष्ठ वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि यह बिल सही दिशा में उठाया गया कदम है, लेकिन इसमें और सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा, "गलत तरीके से वक्फ घोषित की गई संपत्तियों को वापस लेने का प्रावधान नहीं है।" सरकार का तर्क है कि इससे वक्फ संपत्तियों का बेहतर प्रबंधन होगा और भ्रष्टाचार रुकेगा।

बिल पास होने पर भी मुश्किल है क्यों है सरकार की डगर?

अगर यह बिल संसद में पास हो जाता है, तो देशभर में विरोध प्रदर्शनों का दौर शुरू हो सकता है। मुस्लिम संगठनों ने इसे "धार्मिक अधिकारों पर हमला" बताया है और सड़कों से लेकर अदालत तक लड़ाई की तैयारी की है। दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि यह बिल किसी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि पारदर्शिता के लिए है।

ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या देश को एक बार फिर शाहीन बाग जैसे आंदोलन का सामना करना पड़ेगा या फिर सरकार और मुस्लिम संगठनों के बीच कोई समझौता होगा। फिलहाल, यह मामला गर्म बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर और बहस होने की संभावना है।

यह भी पढ़ें:

संसद से लेकर दिल्ली की 77% ज़मीन और ताजमहल तक! वक्फ बोर्ड के वो पांच दावे जानकर दंग रह जाएंगे आप

'वक्फ' क्या है और नया Waqf Bill बन गया कानून तो किसे होगा फायदा? जानिए कानून की पूरी ABCD

Tags :
aimimAIMPLBGovernment vs Waqf BoardMuslim protest IndiaShaheen Bagh ProtestWaqf BillWaqf Property Law

ट्रेंडिंग खबरें

Next Article