Kathua Encounter: कठुआ में दो आतंकियों का खात्मा, चप्पे-चप्पे पर सेना की नजर
Kathua Encounter: एक बार फिर से सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है। यह कठुआ और बिलावर की पहाड़ियों में चल रही है। सेना ने आतंकियों को घेर लिया। मौके पर पहुंचे सीएमओ कठुआ ने बताया कि दो घायल जवानों को जीएमसी कठुआ में उपचार दिया गया। एक पैरा कमांडो को भी हाथ में चोट लगी है। कुछ और लोगों के भी घायल होने की जानकारी है। घुसपैठ कर आए आतंकवादियों को सुरक्षाबलों ने उज्ज दरिया से सटे सुफैन के अंबे नाल में घेर लिया। गुरूवार सुबह आठ बजे से भीषण गोलीबारी जारी है। इसमें दो आतंकी मौत के मुंह में समा गए। इस जंग में डीएसपी और चार जवान गोलीबारी में घायल हुए। पैरा कमांडो को एयरलिफ्ट कर सैन्य अस्पताल पहुंचाया गया।
फिर घिरे आतंकी
हीरानगर के सन्याल गांव के पास रविवार को मुठभेड़ शुरू होने के बाद घेराबंदी से भाग निकले आतंकी फिर घिर गए। इस बार इन्हें सुरक्षाबलों ने पहाड़ों से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर जाने वाले उज्ज दरिया के किनारे अंबे नाल में घेरकर ऑपरेशन शुरू किया। सूत्रों के अनुसार बुधवार रात दो बजे एसएसपी कठुआ के नेतृत्व में एसओजी और सीआरपीएफ के दो सौ से ज्यादा जवानों ने इलाके में आतंकियों की तलाश के लिए अभियान शुरू किया। सुबह रोशनी की पहली किरण के साथ ही इलाके में आतंकियों की मौजूदगी को सुरक्षाबलों ने महसूस करते हुए घेराबंदी शुरू कर दी। सुबह आठ बजे आतंकियों से आमना-सामना होते ही गोलीबारी शुरू हो गई।
शाम पांच बजे के लगभग सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच एक बार फिर भारी गोलाबारी का दौर शुरू हुआ। इसमें एक पैरा कमांडो के घायल होने के बाद उसे एयरलिफ्ट कर सैन्य अस्पताल ले जाया गया। उधर, ऑपरेशन के दौरान डीएसपी बॉर्डर धीरज कटोच को भी गोली लगी। उन्हें शाम के समय मुठभेड़ स्थल से बाहर लाया गया। फिलहाल, उन्हें उपचार के लिए जीएमसी कठुआ लाया गया।
मौके पर तैनात चार एंबुलेंस
मौके पर पहुंचे सीएमओ कठुआ ने बताया कि दो घायल जवानों को जीएमसी कठुआ में उपचार दिया गया है। एक पैरा कमांडो को भी हाथ में चोट लगी है। कुछ और लोगों के भी घायल होने की जानकारी है। लेकिन ऐसा पता चला है कि फिलहाल उन्हें मुठभेड़ वाले क्षेत्र से बाहर नहीं लाया जा सका है। चार एंबुलेंस को मौके पर तैनात रखा गया है। सुफैन के जंगलों में छिपे आतंकियों को ढेर करने के लिए पैरा कमांडो उतारे गए। आईजी भीम सेन टूटी और डीआईजी शिव कुमार और सीआरपीएफ के आला अधिकारी भी मौके पर मोर्चा संभाले हुए हैं। सुरक्षाबलों की तैयारी आतंकियों को अंधेरा ढलने से पहले ढेर करने की रही है। पिछली बार भी अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकी सन्याल से भाग निकले थे। इनके खिलाफ चार दिन से सुरक्षाबल जंगल का चप्पा-चप्पा खंगाल रहे थे।
आतंकियों को ढेर करने का चलाया ऑपरेशन
आतंकियों को ढेर करने के लिए सुरक्षाबलों ने कठुआ के जुथाना की ओर से घेराबंदी की। सुरक्षाबल भी जानते हैं कि अंबे नाल से भाग निकलने के बाद आतंकियों के पास छिपने और पहाड़ों की ओर निकलने के लिए कई रूट हो जाएंगे। ऐसे में उन्हें खोजकर मारने में परेशानी आएगी। इसी वजह से सीमित घेरे में ही आतंकियों का खात्मा करने के लिए ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
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