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CM Revanth Reddy: सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को लगाई फटकार, विवादित बयान के चलते सुनावाई!

CM Revanth Reddy: तेलंगाना बीआरएस के 10 बागी विधायकों की अयोग्यता वाले मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने आज गुरुवार (3 अप्रैल, 2025) को सुनवाई की। कोर्ट ने सीएम रेवंत रेड्डी को उनके बयान पर फटकार लगाते हुए कहा कि एक...
07:17 PM Apr 03, 2025 IST | Pushpendra Trivedi

CM Revanth Reddy: तेलंगाना बीआरएस के 10 बागी विधायकों की अयोग्यता वाले मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने आज गुरुवार (3 अप्रैल, 2025) को सुनवाई की। कोर्ट ने सीएम रेवंत रेड्डी को उनके बयान पर फटकार लगाते हुए कहा कि एक साल भी नहीं हुआ है और आप फिर से इस तरह के बयान दे रहे हैं। क्या आपके खिलाफ कोई एक्शन न लेकर हमने गलती कर दी? कोर्ट इस बात से नाराज था कि रेवंत रेड्डी ने विधानसभा में इस मामले को लेकर टिप्पणी की, जबकि उनको टोका भी गया कि मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। इसके बावजूद वह चुप नहीं हुए।

यह टिप्पणी की थी

पिछले साल दिल्ली शराब नीति मामले में भारत राष्ट्र समिति (BRS) की नेता के. कविता को बेल दिए जाने के सुप्रीम कोर्ट फैसले पर रेवंत रेड्डी ने टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि बीआरएस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच डील हुई है। उनकी टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट ने आपत्ति जाहिर की थी। इसके बाद रेवंत रेड्डी ने कोर्ट से माफी मांगी थी। अब उन्होंने विधानसभा में स्पीकर की मौजूदगी में कड़े लहजे में कहा है कि किसी भी कंडीशन में उपचुनाव नहीं होगा।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार जस्टिस भूषण रामाकृष्ण गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से आर्यामा सुंदरम ने कोर्ट को बताया कि विधानसभा की कार्यवाही के दौरान एक बीआरएस विधायक ने सीएम रेड्डी से कहा कि सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही पर सदन में चर्चा नहीं होनी चाहिए। क्योंकि, मामला वहां विचाराधीन है। इसके बाद भी सीएम ने उनकी बात नहीं सुनी और कहा कि हम जो चाहते हैं वो हमें बोलने की आजादी है।

यह बयान कोर्ट में दोहराया

आर्यामा सुंदरम ने सीएम का बयान कोर्ट में दोहराया और कहा, 'स्पीकर साहब, मैं (सीएम) आपकी तरफ से विधानसभा सदस्यों से कह रहा हूं कि उन्हें किसी उपचुनाव को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। कोई उपचुनाव नहीं होगा, विपक्ष चाहे तो भी नहीं। चाहे विपक्षी विधायक यहां आएं या वहीं रहें, लेकिन उप चुनाव नहीं होगा।' एडवोकेट ने बताया कि यहां पर बीआरएस विधायक ने उन्हें टोका तो सीएम ने कहा कि यह सदन कुछ कानूनों से प्रतिरक्षित है और अगर मैं सदन में कुछ बोल रहा हूं तो यहां प्रोटेक्शन है। कोर्ट ने सीएम के बयान से असहमति जताते हुए कहा, 'क्या कोर्ट ने उनकी माफी स्वीकार करके और कोई एक्शन नहीं लेकर गलती कर दी है? एक साल भी नहीं हुआ है और वे भी उम्मीद नहीं कर सकते कि वह थोड़ा संयम बरतेंगे?'

विधायकों की अयोग्यता का मामला है

एक याचिका में तीन बीआरएस विधायकों को अयोग्य ठहराने के अनुरोध वाली याचिकाओं से संबंधित मामले में तेलंगाना हाईकोर्ट के नवंबर 2024 के आदेश को चुनौती दी गई। जबकि, दूसरी याचिका दल-बदल करने वाले शेष सात एमएलए से संबंधित है। पिछले साल नवंबर में हाईकोर्ट ने कहा था कि विधानसभा अध्यक्ष को तीनों विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिकाओं पर उचित समय के अंदर फैसला करना चाहिए। खंडपीठ का फैसला एकल न्यायाधीश के नौ सितंबर, 2024 के आदेश के खिलाफ अपील पर आया। एकल न्यायाधीश ने तेलंगाना विधानसभा के सचिव को निर्देश दिया था कि वह चार सप्ताह के भीतर सुनवाई का कार्यक्रम तय करने के लिए अयोग्यता के अनुरोध वाली याचिका को विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष रखें।

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