साध्वी ऋतंभरा ने बता दिया मोदी सरकार का अगला टारगेट, कहा- जनसंख्या नियंत्रण कानून भी आना चाहिए
परम शक्ति पीठ की संस्थापक और प्रमुख हिंदू नेता साध्वी ऋतंभरा ने संसद से वक्फ संशोधन विधेयक के पारित होने पर अपनी प्रसन्नता जाहिर की है। साध्वी ऋतंभरा ने इस बिल को मुस्लिम समुदाय के लिए एक सकारात्मक कदम बताया और कहा कि इस विधेयक के माध्यम से वक्फ बोर्ड के दुरुपयोग को रोका जा सकेगा। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुस्लिम समुदाय के अंदर भी कुछ लोग ऐसे थे, जो चाहते थे कि वक्फ अधिनियम में संशोधन हो, क्योंकि वक्फ बोर्ड के अंदर बैठे लोग अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल कर रहे थे। अब इस विधेयक के पास होने से मुस्लिम समुदाय में भी खुशी का माहौल है।
कहा, कोई भी अथॉरिटी राष्ट्रहित से ऊपर नहीं हो सकती
साध्वी ऋतंभरा ने यह भी कहा कि कोई भी अथॉरिटी, जो सत्ता के समानांतर काम कर रही हो, वह राष्ट्रहित में नहीं होती। उन्होंने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी भूमिका हमेशा विरोध करने की रहती है, लेकिन राष्ट्र की भलाई के लिए हमें राजनीति से ऊपर उठकर सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब सब लोग एक साथ विचार करें, तभी किसी विषय पर सही निर्णय लिया जा सकता है।
#WATCH | Mathura, UP | Sadhvi Ritambhara, Founder of Param Shakti Peeth, says, "Many people in the Muslim community wanted some amendment (in the Waqf act) as those who were in power (in the Waqf board) were behaving weirdly, and now even the Muslim community is happy. It's not… pic.twitter.com/f4g1jGQwkp
— ANI (@ANI) April 5, 2025
जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर साध्वी ऋतंभरा ने की बड़ी टिप्पणी
साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि वक्फ बोर्ड संशोधन बिल पारित होने के बाद जनसंख्या नियंत्रण कानून भी बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि इस देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून आना चाहिए। अगर हम जितने चाहे संसाधन विकसित कर लें, वे हमेशा कम ही पड़ेंगे। इस पर गंभीरता से विचार करना आवश्यक है, और देश में इस पर चर्चा भी हो रही है। जनसंख्या असंतुलन से राष्ट्र को बहुत नुकसान हो सकता है और इस दिशा में काम करना देशहित में है।
राष्ट्रहित के दृष्टिकोण की अहमियत पर जोर
हिंदू नेता ने आगे कहा कि हमें किसी भी राष्ट्रहित के कार्य को हिंदू-मुस्लिम के नजरिए से नहीं देखना चाहिए। जब हम देश के विकास के लिए एकजुट होकर सोचते हैं, तो हमारी सोच संकुचित नहीं होती। केवल राष्ट्रहित को प्राथमिकता देनी चाहिए, न कि किसी विशेष समुदाय के लाभ को। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रहित का मतलब केवल जमीन-जायदाद का हित नहीं होता, बल्कि यह देश के नागरिकों का हित होता है। "जब भी देश में जनसंख्या असंतुलन होता है, तब इसका सबसे ज्यादा असर हिंदू समुदाय पर पड़ता है। चाहे वह कश्मीर हो या अन्य कोई क्षेत्र, जहां भी जनसंख्या का असंतुलन हुआ है, हिंदू समुदाय को ही नुकसान हुआ है।
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