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भारतीय नौसेना को जल्द मिलेंगे राफेल-M और स्कॉर्पियन पनडुब्बी? जानें पीएम मोदी का फ्रांस दौरा क्यों होगा ख़ास

भारतीय नौसेना के लिए 22 सिंगल-सीटर और 4 ट्विन-सीटर राफेल-M फाइटर जेट्स खरीदे जाएंगे। ये जेट्स नौसेना की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेंगे।
12:35 PM Jan 06, 2025 IST | Vyom Tiwari

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने फ्रांस की यात्रा पर जा सकते हैं। इस दौरान भारत और फ्रांस के बीच दो बड़े रक्षा समझौते लगभग तय हो चुके हैं। पीएम मोदी को 10-11 फरवरी को फ्रांस में होने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक्शन समिट में हिस्सा लेने का निमंत्रण मिला है। साथ ही, उनकी फ्रांस के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी होने की उम्मीद है।

भारत जल्द ही 10 बिलियन डॉलर से अधिक के रक्षा सौदों को मंजूरी दे सकता है। इन सौदों में भारतीय नौसेना के लिए 26 राफेल-M लड़ाकू विमान और तीन नई स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियां शामिल हैं। इन प्रस्तावों को अगले कुछ हफ्तों में कैबिनेट सुरक्षा समिति (CCS) के पास मंजूरी के लिए भेजा जा सकता है।

राफेल-M और स्कॉर्पीन पर हो सकती है डील 

भारतीय नौसेना जल्द ही अपने एयरक्राफ्ट कर्रिएर्स के लिए 22 सिंगल-सीटर और 4 ट्विन-सीटर राफेल-M फाइटर जेट्स खरीदेगी। ये जेट्स नौसेना की मौजूदा ज़रूरतों को पूरा करेंगे, जब तक कि देश में बनाए जा रहे ट्विन इंजन डेक-बेस्ड फाइटर तैयार नहीं हो जाते। इसके अलावा, स्कॉर्पीन पनडुब्बियों का निर्माण भी किया जाएगा। ये पनडुब्बियां मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड और फ्रांस की नेवल ग्रुप के सहयोग से बनाई जाएंगी।

स्कॉर्पीन पनडुब्बियां बेहद अहम

भारतीय नौसेना फिलहाल दो एयरक्राफ्ट कैरियर का संचालन करती है - रूस से मिले आईएनएस विक्रमादित्य और देश में बने आईएनएस विक्रांत, जिसे सितंबर 2022 में नौसेना में शामिल किया गया था। नौसेना के लिए स्कॉर्पीन पनडुब्बियां बेहद अहम हैं, क्योंकि पुरानी पनडुब्बियों को बदलने की जरूरत है। खासकर प्रोजेक्ट 75I के तहत छह नई पनडुब्बियां खरीदने में हो रही देरी ने इस जरूरत को और बढ़ा दिया है।

15 जनवरी को "वाग्शीर" को कमीशन किया जाएगा

15 जनवरी को मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में स्कॉर्पीन श्रेणी की छठी और अंतिम पनडुब्बी "वाग्शीर" को कमीशन किया जाएगा। यह भारतीय नौसेना के लिए एक बड़ा कदम है। हाल ही में, रक्षा मंत्रालय ने स्कॉर्पीन पनडुब्बियों से जुड़े दो बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें डीआरडीओ द्वारा बनाए गए एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) मॉड्यूल और हेवीवेट टॉरपीडो के उपयोग से संबंधित करार शामिल हैं। यह दौरा भारत और फ्रांस के बढ़ते रक्षा सहयोग को दर्शाता है और दोनों देशों के संबंधों को एक नई मजबूती देगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस यात्रा और राफेल M फाइटर जेट और स्कॉर्पियन पनडुब्बी की डील से पहले, फ्रांस की नौसेना ने अपने ताकतवर हथियारों और युद्धपोतों का प्रदर्शन किया है। फ्रांस का न्यूक्लियर पावर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर, जिसमें E-2C हॉकआई और राफेल M फाइटर जेट शामिल हैं, भारत के दौरे पर आया है। इसके साथ ही कैरियर स्ट्राइक ग्रुप का एस्कॉर्ट फ्रिगेट गोवा पहुंचा, जहां इसका औपचारिक बैंड के साथ स्वागत हुआ। अब अरब सागर और हिंद महासागर में भारतीय और फ्रांसीसी नौसेना मिलकर संयुक्त नौसैनिक हवाई अभ्यास करेंगी।

 

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