PM Modi Thailand Visit: पीएम मोदी का बैंकॉक में शानदार स्वागत, बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में लेंगे हिस्सा
PM Modi Thailand Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अपनी थाईलैंड यात्रा के दौरान थाईलैंड के राजा महा वजीरालोंगकोर्न (रामा दसवें) और रानी सुथिदा से मुलाकात करेंगे। इस दौरान पीएम मोदी थाईलैंड की प्रधानमंत्री शिनावात्रा के साथ प्रसिद्ध वाट फो मंदिर भी जाएंगे, जो थाईलैंड के छह शीर्ष मंदिरों में से एक है।
वाट फो मंदिर का ऐतिहासिक महत्व
वाट फो मंदिर, जिसे लेटे हुए बुद्ध की विशाल प्रतिमा के लिए जाना जाता है, थाईलैंड के सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों में से एक है। इस मंदिर में बुद्ध की असंख्य प्रतिमाएँ मौजूद हैं, जो इसे और भी खास बनाती हैं। ऐतिहासिक रूप से, यह थाईलैंड में सार्वजनिक शिक्षा के पहले केंद्रों में से एक था, जहां विज्ञान, धर्म और साहित्य के अध्ययन की व्यवस्था थी।
बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी की भागीदारी
प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार सुबह बिम्सटेक (BIMSTEC) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस सम्मेलन में 'बैंकॉक विजन 2030' को स्वीकार किए जाने की संभावना है। इस संबंध में थाईलैंड सरकार की विदेश मामलों की स्थायी सचिव एक्सिरी पिंटारुची ने कहा कि "सक्रिय, लचीला और खुला बिम्सटेक" इस क्षेत्रीय समूह की थाईलैंड अध्यक्षता की प्राथमिकता है।
बैंकॉक विजन 2030 के मुख्य उद्देश्य:
- बिम्सटेक सहयोग के लिए स्पष्ट दिशा और लक्ष्य निर्धारित करना।
- शांति, स्थिरता और आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देना।
- जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए सहयोग को प्रोत्साहित करना।
क्या है बिम्सटेक?
बिम्सटेक (Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation) यानी बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल, एक क्षेत्रीय संगठन है जो दक्षिण एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया के देशों को जोड़ता है। इस संगठन में सात देश शामिल हैं—
- भारत
- बांग्लादेश
- भूटान
- नेपाल
- श्रीलंका
- म्यांमार
- थाईलैंड
बिम्सटेक का उद्देश्य क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करना और सदस्य देशों के बीच आर्थिक एवं तकनीकी विकास को बढ़ावा देना है। इस बार के शिखर सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन, व्यापार, सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।
पीएम मोदी की यात्रा का महत्व
थाईलैंड की इस यात्रा से भारत और थाईलैंड के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती मिलेगी। साथ ही, बिम्सटेक जैसे बहुपक्षीय संगठनों के माध्यम से क्षेत्रीय सहयोग को नई गति देने की दिशा में यह यात्रा अहम मानी जा रही है।
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