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भारत-बांग्लादेश के रिश्तों में तल्खी के बीच बैंकॉक में PM मोदी की मोहम्मद यूनुस से मुलाकात, क्या सुधरेंगे रिश्ते?

भारत और बांग्लादेश दोनों देशों के रिश्तों में तल्खी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के चीफ मोहम्मद यूनुस की बैंकॉक में अहम मुलाकात हुई है।
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PM Modi Muhammad Yunus Meeting: थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में आयोजित बिम्सटेक सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रशासक मोहम्मद यूनुस (BIMSTEC conference in Bangkok) से हुई। भारत और बांग्लादेश दोनों देशों के रिश्तों में तल्खी के बीच दोनों नेताओं की यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का प्रशासक नियुक्त किया गया था। उसके बाद से दोनों देशों के बीच रिश्ते में खटास आ गई थी। पीएम मोदी और मोहम्मद यूनुस की मुलाकात पर संशय बरकरार था। आखिर इस मुलाकात में क्या बात हुआ और इसे क्यों महत्वपूर्ण माना जा रहा है आइए विस्तार से जानते हैं।

PM नरेंद्र मोदी की मोहम्मद यूनुस से मुलाकात

बैंकॉक में पीएम नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के चीफ मोहम्मद यूनुस (PM Modi Muhammad Yunus Meeting) के बीच अहम मुलाकात हुई है। बता दें कि, मोहम्मद यूनुस पिछले कुछ समय से कोशिश में थे कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात हो। मोहम्मद यूनुस की ओर से किए गए आग्रह पर बिम्सटेक सम्मेलन के दौरान आज (शुक्रवार, 4 अप्रैल को) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोहम्मद यूनुस संग द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में भारत की ओर से विदेश मंत्री एस जयशंकर, एनएसए अजित डोभाल समेत कई अन्य सीनियर अधिकारी मौजूद रहे। इससे पहले रात्रिभोज में भी दोनों नेता अगल-बगल बैठे नजर आए थे।

​​PM Modi Muhammad Yunus Meeting

मुलाकात में भारत और बांग्लादेश की बीच तल्खी का असर?

इस मुलाकात के बाद राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है पीएम नरेंद्र मोदी और मोहम्मद यूनुस की मुलाकात की जो तस्वीर सामने आ रही हैं उसके कई मायने हो सकते हैं। इन तस्वीरों पर हैरानी इसलिए है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब भी किसी राष्ट्राध्यक्ष से मिलते हैं तो गर्मजोशी मिलते हैं। पीएम नरेंद्र मोदी खुले दिल से गले मिलते हैं, लेकिन इन तस्वीरों में ऐसा कुछ नहीं दिखा। इसकी एक वजह भारत और बांग्लादेश की बीच तल्खी हो सकती है।

​​PM Modi Muhammad Yunus Meeting

बैंकॉक में मोहम्मद यूनुस से इन मुद्दों पर हुई चर्चा

भारत सरकार के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोहम्मद यूनुस के साथ मुलाकात में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों विशेष रूप से हिंदुओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। दोनों के बीच अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर काफी बातचीत हुई। पीएम नरेंद्र मोदी ने इस बैठक में अल्पसंख्यकों के मुद्दे को खुलकर उठाया है। बैठक में प्रधानमंत्री ने इस पर गहरी चिंता व्यक्त की है। साथ ही पीएम ने आशा व्यक्त किया है कि बांग्लादेश सरकार अपनी जिम्मेदारी अच्छे से निभाएगी। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक, स्थाई और  प्रगतिशील बांग्लादेश के लिए भारत के समर्थन की प्रतिबद्धता जताई। इस दौरान शेख हसीना के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।

सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर चर्चा

विदेश सचिव विक्रम मिश्री ने बताया, "बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि सीमा पार कानूनों को सख्ती से लागू किया जाए और विशेष रूप से रात के समय होने वाली अवैध घुसपैठ को रोका जाए, ताकि सीमा की स्थिरता बनी रहे।"

बांग्लादेश ने उठाया  शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा

विदेश सचिव विक्रम मिश्री ने बताया, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के दौरान यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की बयानबाजी जो माहौल को खराब कर सकती है, उससे बचना चाहिए। पीएम नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश में स्थिरता, शांति, लोकतंत्र और प्रगति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि भारत का बांग्लादेश के साथ संबंध हमेशा जन-हितैषी दृष्टिकोण पर आधारित रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग से जनता को वास्तविक लाभ मिला है। उन्होंने प्रो. मोहम्मद यूनुस को यह भी आश्वस्त किया कि भारत बांग्लादेश के साथ व्यावहारिकता एवं सकारात्मक सहयोग की भावना के तहत इस रिश्ते को और मजबूत करने का इच्छुक है। इसके अलावा बांग्लादेश ने फिर से शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया।

सत्ता संभालने के बाद मोहम्मद यूनुस की पीएम मोदी से पहली मुलाकात

बता दें कि, अगस्त 2024 में बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़कर भारत आने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी और मोहम्मद यूनुस के बीच यह पहली मुलाकात थी। पीएम नरेंद्र मोदी की यूनुस से मुलाकात इसलिए अहम है, क्योंकि शेख हसीना के सत्ता से बेदखल होने और उस देश में अल्पसंख्यकों पर हमलों के बाद से भारत और बांग्लादेश के संबंधों में काफी तल्खी देखने को मिली है। यहां तक कि सीमा पर घुसपैठियों की हरकतें भी बढ़ने लगीं। यह मुलाकात यूनुस की हाल की चीन यात्रा को लेकर भी महत्वपूर्ण है, जहां उन्होंने भारत के नॉर्थ ईस्ट क्षेत्र के बारे में कुछ विवादित टिप्पणी की थी, जो भारत सरकार को पसंद नहीं आईं। हालांकि, इस बीच मोहम्मद यूनुस के खिलाफ भी देश के अंदर से आवाज उठनी शुरू हो गई हैं।

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