Wagah Border पर पाकिस्तानी महिला ने बेटी को दिया जन्म, नाम सुनकर हर भारतीय मुस्कुराया
कभी-कभी जिंदगियों के बीच सरहदें नहीं, सिर्फ़ कुछ कदम होते हैं... और अगर किस्मत साथ दे दे, तो वही सरहदें आशा की सरज़मीन बन जाती हैं।
कुछ ऐसा ही हुआ जब एक पाकिस्तानी हिंदू महिला माया ने भारत की धरती पर बेटी को जन्म दिया और उसका नाम रखा "भारती"। जिस समय ये बच्ची दुनिया में आई, उस वक्त चारों ओर बैग, बैरियर, बोर्डर और बॉर्डर सिक्योरिटी के सख्त नियम थे। लेकिन उस बच्ची ने जैसे ही आंखें खोलीं, एक सुकून और एक मीठी मुस्कान दोनों देशों के बीच फैली उस ठंडी हवा में घुल गई।
पाकिस्तान से आए थे 159 लोग, 1 ने रच दी इमोशन की नई इबारत
घटना है पंजाब के वाघा-अटारी बॉर्डर की। पाकिस्तान के सिंध प्रांत से आए 159 हिंदू प्रवासियों का एक ग्रुप भारत में दाखिल हो रहा था। हर किसी के पास एक उम्मीद थी — किसी को रोजगार की तलाश थी, किसी को सुरक्षित भविष्य चाहिए था, तो कोई बस अपने बच्चों की तालीम के लिए आया था। उसी भीड़ में एक महिला थी — माया। गर्भवती थी, लेकिन जिद थी कि वह अपने परिवार के साथ भारत जरूर जाएगी। और जैसे ही बॉर्डर पार हुआ, भारत की जमीन पर कदम पड़ा... माया को अचानक लेबर पेन शुरू हो गया।
अफसरों ने दिखाई इंसानियत, बॉर्डर नहीं रोका इंसान को
माया के पति खानू ने तुरंत सीमा पर तैनात भारतीय अधिकारियों को इस बारे में बताया। कोई देर नहीं की गई। इंसानियत को सबसे ऊपर रखा गया और माया को अटारी के सरकारी अस्पताल में तुरंत भर्ती कराया गया। कुछ घंटे के भीतर माया ने एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया। माँ भी ठीक थी और बच्ची भी। लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब ये था कि... नाम क्या रखा जाए?
नाम ऐसा जो दिल छू जाए: “भारती”
माया और खानू ने जिस देश की सरज़मीन पर बच्ची को जन्म दिया, उसी की पहचान को नाम में उतार दिया — भारती। सिर्फ एक नाम नहीं था ये, ये एक भरोसे की सील थी। एक उम्मीद की दस्तक थी। एक नई शुरुआत का एलान था। माया और खानू ने बताया कि बेटी ने भारत में जन्म लिया, तो उन्हें यही सबसे सटीक और दिल से जुड़ा नाम लगा — "भारती"।
“बेटी हमारे लिए रोशनी बनकर आई है” — बोले पिता खानू
खानू ने बताया कि उनके पहले से ही दो बेटे और पांच बेटियां हैं। लेकिन इस बेटी का जन्म जैसे किसी चमत्कार से कम नहीं। “जिस वक्त हम भारत में दाखिल हुए, उस वक्त डर भी था और उम्मीद भी। लेकिन जैसे ही मेरी बीवी को दर्द हुआ और भारतीय सेना और अफसरों ने जिस तरह से मदद की, वो हम जिंदगीभर नहीं भूल सकते।”
खानू की आंखों में आंसू थे... लेकिन उन आंसुओं में डर या तकलीफ नहीं, कृतज्ञता थी। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी उनका भविष्य बदलेगी।
डॉक्टर बोले — माँ और बच्ची दोनों स्वस्थ, अस्पताल से छुट्टी
अस्पताल प्रशासन की मानें तो माया को तुरंत मेडिकल केयर दी गई और डॉक्टर्स की पूरी टीम ने समय रहते प्रसव करवाया। “माँ और बच्ची दोनों अब पूरी तरह से ठीक हैं और अस्पताल से डिस्चार्ज भी कर दिया गया है।”
यूजर्स बोले — “इस बच्ची का नाम तो अमन का पैगाम है”
जब ये खबर सोशल मीडिया पर पहुंची, तो लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। एक यूजर ने लिखा, “ये तो भारत मां की गोद में आई है, इसका नाम भारती रखना बिल्कुल सही फैसला है।” दूसरे यूजर बोले, “ऐसी कहानियां बताती हैं कि इंसानियत अब भी जिंदा है।” किसी ने कहा, “इस बच्ची को देखते ही दिल से निकला... जय हिन्द।”
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