नेशनलराजनीतिमनोरंजनखेलहेल्थ & लाइफ स्टाइलधर्म भक्तिटेक्नोलॉजीइंटरनेशनलबिजनेसआईपीएल 2025चुनाव

AIMWPLB की अध्यक्ष शाइस्ता अंबर ने कहा, 'वक्फ बोर्ड ने ईमानदारी से नहीं किया काम'

शाइस्ता अंबर ने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा कि यह कदम आज की सरकार ने उठाया है, जो कि पहले की सरकारों और मज़हबी नेताओं को उठाना चाहिए था।
03:59 PM Apr 05, 2025 IST | Sunil Sharma

हाल ही भारतीय संसद द्वारा पारित किए गए वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 पर पक्ष और विपक्ष में तीखी बहस छिड़ी हुई है। अब इस मुद्दे पर बोलते हुए ऑल इंडिया मुस्लिम वुमेन पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMWPLB) की अध्यक्ष शाइस्ता अंबर ने बिल को अपना सपोर्ट दिया है। उन्होंने इस विधेयक को लेकर खुलकर अपनी बात रखी और बताया कि क्यों यह कदम मुस्लिम समुदाय और खासकर मुस्लिम महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। शाइस्ता अंबर ने कहा कि यह वही काम था जो पहले की सरकारें और धार्मिक नेता करने में नाकाम रहे थे, लेकिन अब मोदी सरकार ने उठाया है।

शाइस्ता अंबर ने कहा कि वक्फ बोर्ड का गलत इस्तेमाल हुआ

शाइस्ता अंबर ने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा कि यह कदम आज की सरकार ने उठाया है, जो कि पहले की सरकारों और मज़हबी नेताओं को उठाना चाहिए था। वक्फ में दान देने वाले लोग चाहते हैं कि उनका योगदान गरीबों के भले के काम आए, लेकिन पिछले कई दशकों में वक्फ संपत्तियों का ठीक से इस्तेमाल नहीं हो पाया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग नहीं हुआ, लेकिन वक्फ बोर्ड ने ईमानदारी से अपना कार्य नहीं किया।

कहा, सरकार वक्फ संपत्तियों का सही और ट्रांसपेरेंट उपयोग सुनिश्चित करें

अब इस विधेयक के पारित होने के बाद, शाइस्ता अंबर का मानना है कि सरकार को वक्फ संपत्तियों का सही और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करना चाहिए। उनका कहना है कि अब इस बिल के आने के बाद सरकार से यह उम्मीद की जा रही है कि वक्फ संपत्तियों का उपयोग सिर्फ गरीबों के कल्याण के लिए होगा और यह पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से होगा।

मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की रक्षा की मांग भी की

शाइस्ता अंबर ने इस अवसर पर सरकार से एक और महत्वपूर्ण मांग की। उन्होंने कहा कि अब तक किसी भी सरकार ने मुस्लिम समुदाय के लिए सच्चे दिल से काम नहीं किया, केवल वोट बैंक की राजनीति की गई। हम बीजेपी सरकार से यह अपील करते हैं कि वे मुस्लिम महिलाओं को उनका उचित हक दिलाने के लिए वक्फ बोर्ड की कार्यशैली में सुधार लाएं और उसे पूरी तरह पारदर्शी बनाएं।

वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जे हटाने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग भी की

शाइस्ता अंबर ने यह भी कहा कि वक्फ की जमीनों पर अवैध कब्जे हो चुके हैं और सरकार को इन कब्जों को छुड़ाने के लिए तत्काल कदम उठाना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने मामले की गंभीर जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग की। उनका कहना था कि यह बिल मुस्लिम समाज के हित में है, और सरकार को इसे सही तरीके से लागू करना होगा।

वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे राजनीतिक दल

हालांकि, वक्फ संशोधन विधेयक के दोनों सदनों से पारित होने के बाद भी इसका विरोध हो रहा है। कई राजनीतिक और धार्मिक नेता इस विधेयक के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और सरकार पर हमला बोल रहे हैं। इस विधेयक को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है, जहां इसके खिलाफ याचिका दायर की गई है। यह विधेयक मुस्लिम समाज की जटिलताओं को सुलझाने और वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है, और इसके आने से कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

यह भी पढ़ें:

Waqf Bill: ‘मस्जिदें रहेंगी महफूज़’, रविशंकर प्रसाद ने दिया बड़ा बयान, वक्फ बिल पर जानें क्या बोले बीजेपी नेता

Waqf Bill Reaches SC: वक्फ बिल पर सियासी संग्राम, संसद में मंजूरी के बाद AIMIM ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

Waqf Bill: वक्फ बिल पर भड़के JDU विधायक, पत्रकार से बोले ‘दामाद हो क्या?’ वीडियो ने मचाया तूफान

Tags :
AIMWPLBAIMWPLB president Shaista Ambar statement on waqf bill 2024Shaista Ambarwaqf amedment bill 2024Waqf Bill 2024बीजेपी सरकारमुस्लिम महिलाओं के हकमुस्लिम समाजवक्फ कानूनवक्फ बिल 2024वक्फ बिल 2024 पर AIMWPLB अध्यक्ष शाइस्ता अंबर का बयानवक्फ बोर्डवक्फ संपत्तियांवक्फ संपत्तियों का दुरुपयोगवक्फ संशोधन बिल 2024वक्फ संशोधन विधेयकशाइस्ता अंबरसुप्रीम कोर्ट याचिका

ट्रेंडिंग खबरें

Next Article