Muhammad Yunus on India: क्या बांग्लादेश के दो टुकड़े होकर बनेगा हिंदुओं के लिए अलग देश?
Muhammad Yunus on India: बांग्लादेश में इन दिनों कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है। जब से शेख हसीना सरकार का तख्ता पलट हुआ, तब से लगातार वहां की खबरें ये बता रही कि वहां के हालात चिंताजनक बने हुए हैं। क्योंकि, लगातार घटनाएं, चारों तरफ बढ़ता अपराध, युनूस सरकार क वादे पूरा ना होना इस बात की तस्दीक है कि बांग्लादेश में फिर कुछ बड़ा बदलाव होने वाला है। हालिया समय में युनूस खान चीन की यात्रा पर गए लेकिन उसके बाद से आकर भारत के खिलाफ साजिश रचने की बात सामने आ रही है। सिर्फ यही नहीं बांग्लादेशी हिंदुओं के लिए अलग देश की चर्चा ने जोर पकड़ा है। आइए जानते हैं ऐसा क्यों हो रहा है?
पूर्वोत्तर राज्यों पर घमासान
मुहम्मद यूनुस ने हाल ही में चार दिन के चीन दौरे के दौरान कहा कि बांग्लादेश चाहता है कि चीन उसकी अर्थव्यवस्था में ज्यादा निवेश करे। यह चीन के लिए एक अच्छा व्यापारिक अवसर हो सकता है। साथ ही भारत के पूर्वोत्तर राज्यों पर भी टिप्पणियां की। जिसको लेकर भारत में उबाल देखा जा रहा है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और इन्हें ‘शर्मनाक’ तथा भड़काऊ बताया। इस मुद्दे पर भारत में पक्ष और विपक्ष दोनों एक ही साथ खड़े हुए हैं।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एक्स पर यूनुस की एक वीडियो क्लिप शेयर की। जिसमें मोहम्मद यूनुस यह कहते दिखाई देते हैं कि उनका देश महासागर (बंगाल की खाड़ी) का एकमात्र संरक्षक है क्योंकि भारत के पूर्वोत्तर राज्य चारों ओर से जमीन से घिरे हैं। उनके पास समुद्र तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे ‘बड़ी संभावनाएं’ खुलेंगी और चीन को बांग्लादेश में अपना आर्थिक प्रभाव बढ़ाना चाहिए। लेकिन इसको भारत के पार्टियां खतरे के तौर पर देख रही हैं।
भारत में भड़के पक्ष-विपक्ष के नेता
इसपर पवन खेड़ा ने कहा कि भारत को घेरने के लिए बांग्लादेश चीन को आमंत्रित कर रहा है। बांग्लादेश सरकार का यह रवैया हमारे पूर्वोत्तर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बहुत खतरनाक साबित हो सकता है। सरकार मणिपुर की सुध नहीं ले रही है और चीन पहले ही अरुणाचल में गांव बसा चुका है। तो वहीं शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि यह एक ‘बहुत गंभीर मुद्दा’ है और यह राष्ट्र की ‘सुरक्षा’ से संबंधित है। उन्होंने कहा कि ‘यह बहुत शर्मनाक टिप्पणी है।मुझे लगता है कि भारत को इस पर कड़ा रुख अपनाना चाहिए। यह देश की सुरक्षा को खतरे में डालता है।
वहीं, असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने ‘एक्स’ पर लिखा कि बांग्लादेश के मोहम्मद यूनुस द्वारा दिया गया बयान तथाकथित अंतरिम सरकार द्वारा पूर्वोत्तर भारत के सेवेन सिस्टर्स स्टेट्स को जमीन से घिरा बताने और बांग्लादेश को उनकी समुद्री पहुंच का संरक्षक बताया जाना आक्रामक और अत्यधिक निंदनीय है। यूनुस के भड़काऊ बयानों को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। तो वहीं इस पर भारत सरकार क्या एक्शन लेगी ये देखने वाली बात होगी। लेकिन बांग्लादेश को लेकर समस्या केवल यहीं खत्म नहीं होती है बल्कि अब बांग्लादेश के हिंदुओं की सुरक्षा के मुद्दे ने भी जोर पकड़ा हुआ है।
हिंदुओं के लिए अलग देश
मोहम्मद यूनुस की सरकार में खासतौर से बांग्लादेशी हिंदुओं की सुरक्षा भारत और विश्व के लिए मुद्दा बन रही है। इस समस्या से निपटने के लिए बांग्लादेशी हिंदुओं के लिए अलग देश की चर्चा ने जोर पकड़ा है। इससे एक ओर बांग्लादेशी हिंदुओं को नया देश मिल जाएगा तो वहीं भारत के सामने पूर्वोत्तर में सुरक्षा की चुनौती कम हो जाएगी। इस योजना में बांग्लादेश के रंगपुर डिवीजन और चटगांव डिवीजन को अलग करने का प्रस्ताव है। स्वराज्य वेबसाइट के मुताबिक, रंगपुर और चटगांव को अलग करने से बांग्लादेश के हिंदू, बौद्ध और ईसाई समुदायों के लिए सुरक्षित घर बनाया जा सकता है। साथ ही पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली 'चिकन नेक' कॉरिडोर की समस्या भी हल हो जाएगी।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमला
देखा जाए तो बांग्लादेश में हालिया महीनों में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़े हैं। इतना ही नहीं कई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अल्पसंख्यकों के पास देश छोड़ने या इस्लाम में परिवर्तित होने के अलावा कोई रास्ता भी नहीं बचा। इन समस्याओं का समाधान बांग्लादेश में हिंदुओं के लिए एक अलग घर बनाना है। बांग्लादेश में करोड़ों हिंदू हैं, जो अपने लिए एक अलग घर की मांग कर रहे हैं। लेकिन देखना होगा कि क्या वहाँ हिंदुओं को अलग घर बाकर दिया जाएगा, जिससे वो सुरक्षित रह सकें। साथ ही बांग्लादेश की पूर्वोत्तर राज्यों को लेकर भारत क्या रूख रखता है, जिससे बांग्लादेश और चीन को करारा जवाब मिल सके।
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