Chennai: ड्रोन बनाने वाली कंपनी ने ऐसा क्या किया? अब CFO के नाम निकला गैर जमानती वारंट
Ideaforge Cfo Warrant: ड्रोन बनाने वाली कंपनी IdeaForge के मुख्य वित्तीय अधिकारी विपुल जोशी मुश्किल में घिर गए हैं। चेन्नई की अदालत ने ड्रोन बनाने के लिए मशहूर इस कंपनी के CFO विपुल जोशी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। (Ideaforge Cfo Warrant) कंपनी के CFO को अदालत ने एक अप्रैल तक कोर्ट में पेश होकर जमानत भरने का आदेश दिया था। दो जमानती पेश करने को भी कहा गया। मगर CFO नहीं पहुंचे, इसके बाद अब उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। क्या है पूरा मामला? बताते हैं...
मुश्किल में ड्रोन निर्माता कंपनी के CFO
चेन्नई की अदालत ने ड्रोन निर्माता कंपनी IdeaForge के मुख्य वित्तीय अधिकारी विपुल जोशी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है।कोर्ट ने कंपनी के CFO (मुख्य वित्तीय अधिकारी) विपुल जोशी के खिलाफ गिरफ्तारी का आदेश दिया है। कंपनी को ड्रोन हैकिंग से जुड़े मामले में अदालत में पेश होकर जमानत भरनी थी। कोर्ट ने कहा था कि सभी आरोपियों को 1 अप्रैल तक कोर्ट में पेश होकर 25 हजार की जमानत भरनी होगी। इसके साथ ही दो जमानती भी पेश करने होंगे। मगर जोशी जमानत भरने नहीं पहुंचे। जिसके बाद अब वारंट जारी किया गया है।
फर्जी जमानती पेश करने का आरोप
ड्रोन हैकिंग से जुड़े केस में CFO के अलावा बाकी आरोपी अदालत पहुंचे और जमानती भी पेश कर दिए। मगर फिर खुलासा हुआ कि यह जमानती असली नहीं थे। जमानत देने वालों ने कंपनी का नाम तक नहीं सुना था। उन्हें कंपनी के बारे में कोई भी जानकारी नहीं थी। अदालत को इस बात का पता लगा तो कोर्ट ने इसे गंभीर धोखाधड़ी बताया। कोर्ट ने फटकार लगाते हुए साफ कहा कि अगर दोबारा ऐसा हुआ तो फर्जी जमानती को भी जेल भेज दिया जाएगा। अब अदालत ने कंपनी के CFO को असली जमानती पेश करने के आदेश दिए हैं।
'2 करोड़ के ड्रोन बेचकर हैक किए'
यह पूरा मामला ड्रोन सप्लाई से जुड़ा है। चेन्नई की एक कंपनी ने ड्रोन बनाने वाली IdeaForge से 15 ड्रोन खरीदे थे। जिनकी कीमत 2 करोड़ से भी ज्यादा थी। मगर ड्रोन खरीदने वाली कंपनी का आरोप है कि कंपनी ने उन्हीं ड्रोन को रिमोट से हैक कर बंद कर दिया। खरीददार का कहना है कि ड्रोन का इस्तेमाल सरकार की योजनाओं में होना था, मगर ड्रोन बंद हो जाने से उसके सभी प्रोजेक्ट ठप हो गए। जिसकी वजह से उनकी कंपनी का नाम भी खराब हुआ। इस मामले में चेन्नई की साइबर क्राइम पुलिस ने कंपनी के कुछ अफसरों के खिलाफ धोखाधड़ी, सॉफ्टवेयर से छेड़छाड़ जैसे आरोपों के तहत केस दर्ज किया है। अब कंपनी को 4 अप्रैल तक असली जमानती पेश करने होंगे।
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