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American Tariff Assessment: अमेरिका के नए शुल्क से भारत के उद्योग प्रभावित, वाणिज्य मंत्रालय कर रहा विश्लेषण

American Tariff Assessment: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा हाल ही में घोषित नए टैरिफ का भारत सहित कई देशों पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
05:52 PM Apr 03, 2025 IST | Ritu Shaw

American Tariff Assessment: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा हाल ही में घोषित नए टैरिफ का भारत सहित कई देशों पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। अमेरिका ने न्यूनतम 10% टैरिफ लागू करने के साथ-साथ कुछ देशों पर कठोर आयात शुल्क लगाए हैं। इस फैसले के तहत ब्रिटेन पर 10%, यूरोपीय संघ पर 20% और भारत पर 26% टैरिफ लागू किया गया है।

वित्त राज्य मंत्री की प्रतिक्रिया

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ के प्रभाव का विश्लेषण कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर डोनाल्ड ट्रम्प के लिए "अमेरिका पहले" है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए "भारत पहले" है।

व्यापार घाटे को कम करने की कोशिश

ट्रम्प प्रशासन का मानना है कि अमेरिका में भारतीय वस्तुओं पर अधिक आयात शुल्क लगाया जाता है। ऐसे में, व्यापार घाटे को कम करने और अमेरिकी विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया गया है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की स्थिति अन्य देशों की तुलना में बेहतर है, जिन्हें इससे अधिक शुल्क का सामना करना पड़ेगा।

वाणिज्य मंत्रालय कर रहा प्रभाव का आकलन

वाणिज्य मंत्रालय भारत पर 26% टैरिफ के प्रभावों का विश्लेषण कर रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, अमेरिका में सभी आयातित सामानों पर 10% शुल्क 5 अप्रैल से और बाकी 16% शुल्क 10 अप्रैल से लागू होगा। अधिकारी ने यह भी कहा कि यदि कोई देश अमेरिका की व्यापारिक चिंताओं का समाधान करता है, तो ट्रम्प प्रशासन शुल्क कम करने पर विचार कर सकता है।

भारत पहले से ही अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा है, जिसका पहला चरण इस साल सितंबर-अक्टूबर तक पूरा होने की संभावना है।

किन क्षेत्रों पर पड़ेगा असर?

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के भारतीय उत्पादों पर जवाबी शुल्क लगाने से निम्नलिखित क्षेत्रों में असर पड़ सकता है:

हाई टैरिफ अंतर के चलते इन क्षेत्रों को अमेरिकी प्रशासन द्वारा अतिरिक्त सीमा शुल्क का सामना करना पड़ सकता है।

भारत-अमेरिका के बीच टैरिफ अंतर

भारत और अमेरिका के बीच आयात शुल्क अंतर विभिन्न उत्पादों के लिए अलग-अलग है:

भारत की रणनीति क्या होगी?

भारत के लिए यह फैसला एक नई चुनौती के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन सरकार इस पर संतुलित प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार है। वाणिज्य मंत्रालय अमेरिका के साथ बातचीत के जरिए शुल्क में राहत पाने की कोशिश कर सकता है। इसके अलावा, भारत अन्य बाजारों में निर्यात बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित कर सकता है।

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