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झोपड़ी टूटी, सपने नहीं! बुलडोजर के सामने अपनी किताबें बचाने दौड़ी 8 साल की बच्ची, खाई IAS बनने की कसम

अंबेडकरनगर में 8 साल की बच्ची ने बुलडोजर से घर टूटने के बाद IAS बनने की कसम खाई। अपनी किताबें बचाने के लिए दौड़ती बच्ची का वीडियो वायरल हुआ, सोशल मीडिया पर लोगों ने दिए जबरदस्त रिएक्शन।
10:07 PM Apr 03, 2025 IST | Girijansh Gopalan

सोशल मीडिया पर कई बार ऐसे वीडियो वायरल हो जाते हैं, जो दिल को अंदर तक झकझोर देते हैं। कुछ ऐसा ही वीडियो इन दिनों अंबेडकरनगर से सामने आया है, जहां महज 8 साल की बच्ची का घर बुलडोजर से तोड़ दिया गया। लेकिन इस बच्ची ने जो किया, उसने लोगों की आंखें नम कर दीं। जब झोपड़ी गिराई जा रही थी, तब वो अपने किताबों को बचाने के लिए दौड़ पड़ी। बाद में जब इस बच्ची ने अपनी ज़िंदगी का सपना बताया, तो सोशल मीडिया यूजर्स का दिल पिघल गया।

क्या है पूरा मामला?

अंबेडकरनगर के अरई गांव में प्रशासन ने अवैध रूप से बनी झुग्गी-झोपड़ियों पर कार्रवाई की। कई घरों पर बुलडोजर चला दिया गया। इस दौरान 8 साल की बच्ची अपनी झोपड़ी से किताबें निकालकर भागती नजर आई। दावा किया जा रहा है कि जब उसने अपनी झोपड़ी को गिरते देखा, तो सबसे पहले अपनी किताबों की फिक्र हुई। किताबें बचाने की उसकी जिद और हौसले ने सभी का दिल जीत लिया।

सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची बच्ची की कहानी

इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक में चर्चा हुई। जस्टिस अभय एस. ओका और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने सुनवाई के दौरान इस वीडियो का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि हाल ही में एक वीडियो सामने आया, जिसमें बुलडोजर के जरिए झोपड़ियां गिराई जा रही थीं और एक छोटी बच्ची अपनी किताबें बचाकर भाग रही थी। कोर्ट ने इस घटना को चिंताजनक बताया।

बच्ची ने खाई IAS बनने की कसम

जिस वक्त अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही थी, उसी दौरान पास के एक फूस के शेड में आग लग गई। मीडिया से बात करते हुए बच्ची ने बताया कि जब आग भड़की, तो उसे अपनी किताबों की याद आई। वह भागकर झोपड़ी में घुसी और अपने स्कूल बैग और किताबें निकाल लाई। इस बच्ची ने कहा कि वह बड़ी होकर IAS अफसर बनेगी ताकि ऐसा अन्य गरीब परिवारों के साथ न हो।

प्रशासन ने क्या कहा?

इस मामले पर प्रशासन का कहना है कि दो महीने पहले ही अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी किया गया था। जब कार्रवाई शुरू हुई, तो परिवार ने विरोध किया। उप जिलाधिकारी पवन जायसवाल का कहना है कि जिस झोपड़ी से बच्ची अपनी किताबें लेकर भागी, उसे गिराया नहीं गया था। हालांकि, जिस ढांचे में आग लगी थी, वह पूरी तरह से गैर-आवासीय था।

सोशल मीडिया पर आए जबरदस्त रिएक्शन

इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर धूम मचा दी। यूजर्स ने बच्ची के जज़्बे को सलाम किया और उसकी हिम्मत की तारीफ की। कई लोग इमोशनल हो गए और बच्ची के सपने को हकीकत में बदलने की दुआ करने लगे।

एक यूजर ने लिखा, "बेटी, तुम बदला ज़रूर लेना, IAS बनकर उन्हीं अफसरों से हिसाब लेना।"
दूसरे यूजर ने लिखा, "जब गरीबी की आग में कोई तपता है, तो सोना बनकर निकलता है। ये बच्ची भी अपने सपने पूरे करेगी।"
वहीं, कुछ लोगों ने प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए लिखा, "गरीबों पर ही कानून क्यों लागू होते हैं? अमीरों की अवैध इमारतें क्यों नहीं गिरतीं?"

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