• ftr-facebook
  • ftr-instagram
  • ftr-instagram
search-icon-img

ट्रंप के टैरिफ वार से धड़ाम गिरा अमरीकी शेयर मार्केट, 2020 के बाद पहली बार इतने खराब हुए हालात

ट्रंप द्वारा पारस्परिक टैरिफ के ऐलान के बाद अब अन्य देशों की तरफ से भी टैरिफ लगाने की संभावना बढ़ गई है। चीन के 34 फीसदी टैरिफ के बाद, कनाडा ने भी 25 फीसदी टैक्‍स लगाने का ऐलान किया है। इससे वैश्विक महंगाई और मंदी का खतरा पैदा हो गया है।
featured-img

2025 का अप्रैल अमेरिकी बाजार के लिए बेहद कड़ा साबित हो रहा है। 4 अप्रैल की रात को अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई। नैस्डैक, डॉव जोन्स और एसएंडपी 500 इंडेक्स 5 फीसदी से अधिक टूट गए। यह गिरावट कोविड-19 के संकट के बाद से सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। इसके पीछे मुख्य कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का टैरिफ फैसला बताया जा रहा है, जिसने वैश्विक बाजार में हलचल मचा दी है।

ट्रंप टैरिफ और चीन की प्रतिक्रिया से बढ़ा व्यापार युद्ध का खतरा

चीन ने अमेरिका के टैरिफ पर कड़ा जवाब देते हुए 10 अप्रैल से अमेरिका पर 34 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। इस कदम से यह आशंका जताई जा रही है कि और भी देश अमेरिका पर टैरिफ लगा सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के कदम से व्यापार युद्ध (Trade War) का खतरा बढ़ सकता है, जिससे महंगाई में इजाफा हो सकता है और इसके परिणामस्वरूप मंदी की स्थिति पैदा हो सकती है।

Trump on Indian tariffs

अमेरिकी बाजार में शुरु हुआ भारी गिरावट का दौर

चीन के टैरिफ फैसले के बाद, अमेरिकी शेयर बाजार में तबाही मच गई। एसएंडपी 500 इंडेक्स में 6% की गिरावट आई, जिससे वैश्विक मंदी की संभावना और बढ़ गई। यह गिरावट मार्च 2020 के बाद सबसे बड़ी थी, जब महामारी ने दुनिया की अर्थव्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित किया था। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 2,231 अंक (5.5%) की गिरावट आई, जबकि नैस्डैक में 5.8% की गिरावट आई, जो पिछले रिकॉर्ड उच्च स्तर से 20% से अधिक गिर चुका है।

पिछले 11 महीनों के निम्नतर स्तर पर पहुंचा मार्केट

शुक्रवार को अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज में एक नई ऊंचाई पर कारोबार हुआ। 26.79 बिलियन शेयरों का रिकॉर्ड कारोबार हुआ, जो 2021 के पहले सबसे उच्चतम स्तर से भी अधिक था। नैस्डैक इंडेक्स में 962.82 अंक की गिरावट आई और यह 15,587.79 तक आ गया, जिससे यह पुष्टि हो गई कि टेक-हैवी इंडेक्स अब एक बीयर बाजार (Bear Market) में पहुंच चुका है। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 2,231 अंक गिरकर 38,314.86 पर आ गया। एसएंडपी 500 में भी भारी गिरावट देखी गई और यह 322.44 अंक गिरकर 5,074.08 पर पहुंच गया, जो पिछले 11 महीनों में इसका सबसे निचला स्तर था।

अमेरिकी मंदी से बढ़ेगा वैश्विक मंदी का खतरा

ट्रंप द्वारा पारस्परिक टैरिफ के ऐलान के बाद अब अन्य देशों की तरफ से भी टैरिफ लगाने की संभावना बढ़ गई है। चीन के 34 फीसदी टैरिफ के बाद, कनाडा ने भी 25 फीसदी टैक्‍स लगाने का ऐलान किया है। इससे वैश्विक महंगाई और मंदी का खतरा पैदा हो गया है। ट्रंप का यह कदम पूरी दुनिया को वैश्विक मंदी की ओर धकेलता दिख रहा है। इस प्रकार, अमेरिकी बाजार में आ रही यह गिरावट न सिर्फ अमेरिकी अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रही है, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया के बाजारों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहना होगा और अगले कुछ महीनों में संभावित आर्थिक मंदी की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना होगा।

यह भी पढ़ें:

Penguin Tariffs: ट्रंप पर छाया टैरिफ का बुखार, इंसान ही नहीं पेंगुइन्स को भी नहीं बख्शा!

American Tariff: ट्रम्प के टैरिफ से दुनियाभर के शेयर बाजार हुए धड़ाम, निवेशकों में चिंता

American Tariff Assessment: अमेरिका के नए शुल्क से भारत के उद्योग प्रभावित, वाणिज्य मंत्रालय कर रहा विश्लेषण

.

tlbr_img1 होम tlbr_img2 शॉर्ट्स tlbr_img3 वेब स्टोरीज tlbr_img4 वीडियो tlbr_img5 वेब सीरीज