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भारत पर 26%, चीन पर 34%; ट्रंप ने दुनिया के अलग-अलग देशों पर लगा डाला 49 प्रतिशत तक का टैक्स

ट्रंप के ‘लिबरेशन डे’ टैरिफ से भारत पर 26% और चीन पर 34% शुल्क लगा। वैश्विक बाजार हिले, क्या यह नया व्यापार युद्ध है?
10:35 AM Apr 03, 2025 IST | Rohit Agrawal

Donald Trump Announces Tariffs: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक व्यापार में तहलका मचा दिया है। 2 अप्रैल 2025 को व्हाइट हाउस से "लिबरेशन डे" का ऐलान करते हुए उन्होंने 185 देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ की नई दरें लागू कर दीं। भारत पर 26%, चीन पर 34% और यूरोपियन यूनियन पर 20% टैरिफ का ऐलान कर ट्रंप ने साफ कर दिया कि अब अमेरिका "लूट" बर्दाश्त नहीं करेगा। यह कदम वैश्विक बाजारों को हिलाने वाला है और भारत जैसे देशों के लिए भी नई चुनौतियां खड़ी कर सकता है। आइए, इस फैसले की परतें खोलते हैं।

मोदी का जिक्र कर क्या बोले ट्रंप?

ट्रंप ने अपने संबोधन में इसे अमेरिकी उद्योग के "पुनर्जन्म" का दिन बताया। "मेरे प्यारे अमेरिकियों, यह लिबरेशन डे है। 2 अप्रैल 2025 को इतिहास याद रखेगा, जब हमने अमेरिका को फिर से समृद्ध बनाना शुरू किया। भारत का जिक्र करते हुए ट्रंप ने पीएम नरेंद्र मोदी को "अच्छा दोस्त" तो कहा, लेकिन तंज भी कसा। "मोदी मेरे दोस्त हैं, मगर वे हमारे साथ सही बर्ताव नहीं कर रहे। भारत हमसे 52% टैरिफ लेता है, तो हम उनसे 26% लेंगे—यह आधा है, पूरी तरह रेसिप्रोकल भी नहीं," ट्रंप ने तर्क दिया। उनका कहना था कि यह "डिस्काउंटेड" टैरिफ है, जो बाकी देशों के मुकाबले नरमी दिखाता है।

ट्रंप ने कर दिया ऐलान, 185 देश इसकी जद में

ट्रंप ने ऐलान किया कि अमेरिका में आने वाले हर विदेशी सामान पर 5 अप्रैल की रात 12:01 बजे से 10% बेसलाइन टैरिफ लगेगा। इसके ऊपर, 9 अप्रैल से देश-विशेष रेसिप्रोकल टैरिफ लागू होंगे। कंबोडिया पर सबसे ज्यादा 49%, वियतनाम पर 46%, श्रीलंका पर 44%, बांग्लादेश पर 37%, और चीन पर 34% टैरिफ की मार पड़ेगी। भारत के 26% के अलावा, साउथ कोरिया पर 25%, जापान पर 24%, यूके पर 10%, और पाकिस्तान पर 29% टैरिफ तय हुआ है। ट्रंप का तर्क साफ था कि अगर टैरिफ से बचना है, तो अपने प्रोडक्ट्स अमेरिका में बनाओ।" यह नीति अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की उनकी रणनीति का हिस्सा है।

ट्रंप का फैसला वैश्विक व्यापार पर फूटेगा बम की तरह

इस टैरिफ का असर भारत जैसे निर्यात-निर्भर देशों पर पड़ना तय है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका दशकों से अपने ट्रेड पार्टनर्स के हाथों "लूटा" गया है, और अब वक्त है जवाब देने का। भारत, जो अमेरिका को समुद्री भोजन, चावल, और फार्मा प्रोडक्ट्स जैसे सामान भेजता है, को अपनी रणनीति पर फिर से विचार करना पड़ सकता है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि चीन (34%) और वियतनाम (46%) जैसे प्रतिद्वंद्वियों पर भारी टैरिफ की वजह से भारत को थोड़ा फायदा भी हो सकता है। फिर भी, 26% टैरिफ भारतीय निर्यातकों के लिए मुनाफे पर चोट जरूर पहुंचाएगा।

 

क्या यह ट्रंप का मास्टरस्ट्रोक है?

संबोधन के बाद ट्रंप ने दो एक्जीक्यूटिव ऑर्डर पर दस्तखत किए और भविष्यवाणी की, "आप आज को याद रखेंगे। आने वाले सालों में लोग कहेंगे कि यह अमेरिका के लिए सबसे अहम दिन था।" उनका दावा है कि यह नीति अमेरिकी अर्थव्यवस्था को "गोल्डन एज" में ले जाएगी। लेकिन वैश्विक बाजारों में हलचल शुरू हो चुकी है। कई देशों ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है, और भारत को भी अपनी रणनीति साधनी होगी। क्या यह ट्रंप का मास्टरस्ट्रोक है या वैश्विक व्यापार युद्ध की शुरुआत? यह सवाल अभी हवा में तैर रहा है।

 

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