Myanmar Earthquake: भूकंप के बाद म्यांमार और थाईलैंड में मची तबाही, 150 से अधिक मौतें और 800 घायल
Myanmar Earthquake: शुक्रवार को म्यांमार में आए शक्तिशाली भूकंप ने पूरे क्षेत्र में तबाही मचा दी। इसकी तीव्रता 7.7 मापी गई, और इसका केन्द्र म्यांमार के मांडले शहर के पास था। इस भीषण आपदा में अब तक 150 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 800 लोग घायल हुए हैं। म्यांमार के सैन्य शासन ने पुष्टि की कि मारे गए लोगों की संख्या और बढ़ सकती है, क्योंकि कई अन्य लोग मलबे में फंसे हुए हैं। भूकंप के कारण म्यांमार के मांडले और राजधानी नेपीडॉ जैसे प्रमुख शहरों में भारी नुकसान हुआ है। इमारतें ढह गईं, सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। साथ ही, म्यांमार की सरकार ने खून की कमी की वजह से आपातकालीन सहायता की अपील की है, क्योंकि इन इलाकों में चिकित्सा सेवाएं पहले ही बहुत सीमित हैं।
म्यांमार और थाईलैंड में चारों तरफ है तबाही का दृष्य
म्यांमार के मांडले में भूकंप ने एक गहरी खाई की तरह सड़कों को तोड़ा और कई ऐतिहासिक मठों को क्षतिग्रस्त कर दिया। एक बांध के टूटने से जलस्तर बढ़ने के कारण निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। इन मुश्किलों के बावजूद, म्यांमार के अधिकारियों ने राहत कार्यों को तेज करने के प्रयास किए हैं। दूसरी ओर, थाईलैंड में भी भूकंप के कारण कई इमारतें ढह गईं, जिनमें बैंकॉक शहर की एक निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत शामिल है। इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई और 101 लोग लापता हैं। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भूकंप के बाद शहर में अफरा-तफरी का माहौल था। सड़कों पर वाहनों की संख्या बढ़ने से ट्रैफिक जाम हो गया, और मेट्रो व एलिवेटेड ट्रांजिट को बंद कर दिया गया।
अंतरराष्ट्रीय जगत से की सहायता की अपील
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने इस आपदा (Myanmar Earthquake) के बाद म्यांमार को अंतरराष्ट्रीय मदद की पेशकश की है, लेकिन म्यांमार में जानकारी का संकुचन और सुरक्षा कारणों से राहत कार्यों में बाधाएं आ रही हैं। म्यांमार की सैन्य सरकार ने राहत प्रयासों में तेजी लाने के लिए 6 राज्यों में आपातकाल की घोषणा की है।
चीन में भी महसूस हुए झटके
भूकंप के झटके चीन के युन्नान और सिचुआन प्रांतों तक भी महसूस किए गए। रुइली शहर में कई इमारतों को नुकसान पहुंचा और कुछ लोग घायल हुए। चीनी मीडिया के अनुसार, मंगशी शहर में भूकंप इतना शक्तिशाली था कि वहां के लोग खड़े होने में भी कठिनाई महसूस कर रहे थे।
भारतीय अधिकारी भी भूकंप में फंसे
आदित्य बिरला केमिकल्स थाईलैंड के प्रमुख अजय महाजन ने भी इस विनाशकारी भूकंप का सामना किया। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उन्हें समझ में नहीं आया कि यह भूकंप था, लेकिन जब उनके सामने की कारें हिलने लगीं और पुल भी हिलने लगा, तब उन्हें इस आपदा का एहसास हुआ।
अस्पतालों में खून की किल्लत
म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप (Myanmar Earthquake) से हुई तबाही के बाद अस्पतालों में खून की भारी कमी हो गई है। म्यांमार में अधिकारियों ने अपनी अपील में कहा कि घायल लोगों के इलाज के लिए तात्कालिक रूप से खून की आवश्यकता है। साथ ही, भोजन, पानी और आश्रय की भी आवश्यकता बढ़ गई है, क्योंकि प्रभावित क्षेत्रों में जीवन की बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह से बाधित हो चुकी हैं।
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