BIMSTEC समिट में हिस्सा लेने थाईलैंड पहुंचे PM मोदी, यूनुस भी हो रहे शामिल, फिर श्रीलंका भी जायेंगे पीएम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस की आज थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में बिम्सटेक (Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation) समिट के दौरान मुलाकात हो सकती है। हालांकि, अब तक इस पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। अगर यह बैठक होती है, तो यह बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के पतन और अंतरिम सरकार के गठन के बाद पहली बार होगा जब यूनुस और पीएम मोदी आमने-सामने बैठेंगे।
गुरुवार (3 अप्रैल, 2025) को ब्रिक्स समिट के डिनर के दौरान दोनों नेता एक ही टेबल पर बैठे थे। पीएम मोदी के एक ओर मोहम्मद यूनुस और दूसरी ओर नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली मौजूद थे। बैंकॉक में हो रहे छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में यह संभावित बैठक बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि हाल के महीनों में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमले और शेख हसीना के भारत में रहने को लेकर दोनों देशों के रिश्तों में तनाव देखा गया है।
बिम्सटेक के मुख्य सत्र में बोलेंगे PM मोदी
इस हफ्ते अपनी बीजिंग यात्रा के दौरान, मोहम्मद यूनुस ने भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र और भूटान, नेपाल व बांग्लादेश को 'चीनी अर्थव्यवस्था के विस्तार' का हिस्सा बताया। उनकी इस टिप्पणी से दिल्ली में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की मौजूदा नीति को लेकर कुछ संदेह पैदा हुआ है।
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के मुख्य सत्र में भाषण देंगे और वहां मौजूद अन्य देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। इसके अलावा, 5-6 अप्रैल को श्रीलंका जाने से पहले वह श्रीलंका की प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या और भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे से भी मुलाकात करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से मुलाकात कर सकते हैं। यह बैठक ऐसे समय में होने की संभावना है जब दोनों देशों के बीच ओली को भारत आने का निमंत्रण देने में देरी को लेकर महीनों से तनाव बना हुआ है। गौरतलब है कि 2024 में सत्ता में आने के बाद ओली को दिल्ली से औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला, इसलिए उन्होंने सबसे पहले चीन का दौरा किया था।
सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी म्यांमार के सैन्य शासन (जुंटा) के प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख जनरल मिन आंग ह्लाइंग से भी मुलाकात कर सकते हैं। अगर यह बैठक होती है, तो यह 2021 में म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के बाद भारतीय प्रधानमंत्री और वहां के सैन्य नेतृत्व के बीच पहली उच्च स्तरीय बातचीत होगी।
बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के लिए पीएम मोदी की थाईलैंड यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए दो दिन की यात्रा पर थाईलैंड रवाना हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बिम्सटेक बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में विकास, आपसी संपर्क और आर्थिक प्रगति को आगे बढ़ाने का एक अहम मंच बन गया है। इसमें भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र की खास भूमिका है। उन्होंने यह भी कहा कि वह बिम्सटेक देशों के नेताओं से मिलने और सहयोग को मजबूत करने के लिए उत्साहित हैं।
भारत-म्यांमार-थाईलैंड राजमार्ग बनेगा 'गेम-चेंजर'
बिम्सटेक मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि भारत, म्यांमार और थाईलैंड के बीच बन रहा राजमार्ग इस क्षेत्र के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। यह प्रोजेक्ट 2002 में प्रस्तावित हुआ था और 2012 में इसका निर्माण शुरू हुआ, लेकिन म्यांमार में हिंसा और अस्थिरता के कारण इसमें देरी हो गई।
बिम्सटेक क्या है?
बिम्सटेक (BIMSTEC) यानी बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन एक क्षेत्रीय संगठन है, जिसमें बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड शामिल हैं। यह संगठन दक्षिण एशिया (सार्क) और दक्षिण-पूर्व एशिया (आसियान) के बीच एक सेतु के रूप में काम करता है और व्यापार, कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करता है।
यह भी पढ़े:
.