अगर चाहिए अच्छी मेन्टल हेल्थ तो तुरंत इन आदतों से बना लें दूरी, हफ्तेभर में दिखेगा असर
Tips Mental Health: स्वस्थ जीवन जीना हर किसी की इच्छा होती है। लेकिन सिर्फ शारीरक स्वास्थ्य ही नहीं बलि मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखना बहुत जरुरी होता है। खराब खान-पान और लाइफस्टाइल के कारण शारीरिक स्वास्थ्य ख़राब होता है। वहीं कुछ खराब आदतें आपके मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालती है। आजकल वयस्कों-बुजुर्गों में मेंटल हेल्थ की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। लेकिन अक्सर लोग अपने मानसिक स्वास्थ्य को इग्नोर करते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसी आदतों के बारे में बताएँगे, जिन्हे छोड़ने से आपके मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है।
मेंटल हेल्थ से जुडी प्रॉब्लम्स
हमारी दिनचर्या का हमारी मेंटल हेल्थ पर काफी असर पड़ता है। अनियमित और अपर्याप्त नींद से लेकर नकारात्मक सोच, आहार में गड़बड़ी ये सभी आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए दिक्कतें पैदा कर सकती है। इन आदतों को पहचानना और इन्हें बदलने की कोशिश करना मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। सही दिनचर्या और सकारात्मक आदतों को अपनाकर आप अपनी मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रख सकते हैं।
सोशल मीडिया है खतरनाक
स्वास्थ्य विशेषज्ञ का इस बारे में कहना है, आज के समय में बच्चों और वयस्कों का दिनभर मोबाइल फोन को स्क्रॉल करना और सोशल मीडिया की आदत से उनके मानसिक स्वास्थ्य पर कई प्रकार से नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इसी संबंध में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस ने साल 2024 के लिए 'ब्रेन रोट' शब्द को 'वर्ड ऑफ द ईयर' घोषित किया है। ब्रेन रोट शब्द सोशल मीडिया पर अत्यधिक मात्रा में मौजूद दोयम दर्जे वाले कंटेट के कारण होने वाले मानसिक दुष्प्रभावों को लेकर चिंता को दर्शाता है। इसलिए आपको सोशल मीडिया को इस्तेमाल लिमिट समय के लिए इस्तेमाल करना चाहिए।
पॉजिटिव थिंकिंग
मेंटल हेल्थ के लिए सकारात्मक सोच होना बहुत जरुरी है। नकारात्मक सोच और आत्म-आलोचना का आपकी मेंटल हेल्थ पर कई प्रकार से नकारात्मक असर होता है। अपने बारे में नेगटिव थिंकिंग रखना आपके सेल्फ कॉन्फिडेंस को कम करता है। जिसके कारण आपको आदत चिंता और अवसाद को बढ़ावा मिलता है। इसलिए जरूरी है कि अपनी सोच को सकारात्मक रखें और अच्छे विचारों का आदान-प्रदान करें।
पर्याप्त नींद लें (Tips Mental Health)
अच्छे मानसिक स्वास्थ्य के लिए भरपूर मात्रा में नींद लेना बहुत जरुरी होती है। अगर आप कम नींद लेते हैं तो इससे तनाव, चिंता और डिप्रेशन की संभावना बढ़ जाती है। नींद की कमी से याददाश्त कमजोर होती है और निर्णय लेने की क्षमता पर बुरा असर पड़ता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, रोजाना 7-9 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद लें। सोने और उठने का एक नियमित समय तय करें। सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करें और एक शांत माहौल बनाएं। इसलिए देर से सोने की आदत को छोड़कर टाइम से सोने की आदत डालें।
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