मनोज कुमार की लव स्टोरी: दोस्त के घर हुई थी मनोज-शशि की मुलाकात, बेटे का करियर रहा फ्लॉप, जानें उनके परिवार के बारे में
दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार अब हमारे बीच नहीं रहे। उन्होंने 87 साल की उम्र में कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में अंतिम सांस ली। मनोज कुमार के परिवार की बात करें, तो उनकी फैमिली में उनकी पत्नी शशि गोस्वामी और दो बेटे कुणाल गोस्वामी व विशाल गोस्वामी हैं। हालांकि, उनका परिवार लाइमलाइट से दूर ही रहता है।
मनोज कुमार की लव स्टोरी
मनोज कुमार की लव स्टोरी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। दरअसल, उनकी मुलाकात शशि से दिल्ली में अपने दोस्त के घर मिले थे और उन्हें देखते ही एक-दूसरे से प्यार हो गया था। दोनों बार-बार मिलने लगे और उनका प्यार परवान चढ़ गया। फिर दोनों ने शादी का फैसला लिया।
वैसे, तो उनकी शादी से किसी को कोई परेशानी नहीं थी, लेकिन शशि के भाई और उनकी मां को यह रिश्ता मंजूर नहीं था। लेकिन धीरे-धीरे वे दोनों भी राजी हो गए। एक बार खुद मनोज ने बताया था कि वे कॉलेज की छत पर एक-दूसरे से इशारों-इशारों में बाते करते थे और उन्हें कोई भी नहीं देख पाता था। फिर कुछ टाइम बाद दोनों ने शादी कर ली थी।
फिल्मों में सफल नहीं हो पाए मनोज के बेटे कुणाल
शादी के कुछ समय बाद 1961 में दोनों ने अपने बेटे कुणाल गोस्वामी का स्वागत किया था। बड़े होकर उन्होंने भी अपने अपने पिता की तरह एक्टिंग में करियर बनाने का सोचा, लेकिन वह सफल नहीं हो पाए। उनका गाना 'नीले नीले अंबर पर' आज भी लोगों को काफी पसंद है, लेकिन इससे उनके फिल्मी करियर पर कोई असर नहीं पड़ा। हालांकि, जब फिल्मों में उनकी दाल नहीं गली, तो वह दिल्ली आ गए और अब वह अपना कैटरिंग का सक्सेसफुल बिजनेस चला रहे हैं।
मनोज कुमार की यादगार फिल्में व अवॉर्ड्स
बता दें कि मनोज कुमार की ज्यादातर फिल्में देशभक्ति के भाव से भरी हुई होती थीं। 'उपकार', 'क्रांति', 'पत्थर का सनम', 'रोटी कपड़ा और मकान', 'नील कमल', 'अपने हुए पराए', 'अमानत' और 'देशवासी' जैसी फिल्मों में उनके उल्लेखनीय काम व सिनेमा में दिए गए योगदान के लिए उन्हें 'दादा साहेब फाल्के पुरस्कार' और 'पद्मश्री' जैसे सर्वोच्च सम्मान से नवाजा जा चुका है। उनके वे किरदार और फिल्में आज भी भारतीय सिनेमा के सुनहरे अध्याय में दर्ज हैं।
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