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सोने को लेकर बड़ी भविष्यवाणी, ₹55,000 तक गिर सकती हैं कीमतें

जहां कुछ दिनों पहले सोने की कीमतों ने ₹91,400 और ₹94,000 के स्तर को छुआ, वहीं एक नई भविष्यवाणी सामने आई है, जो गोल्ड मार्केट में हड़कंप मचा सकती है।
05:45 PM Apr 03, 2025 IST | Sunil Sharma

Gold Prices: अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वार के बाद जहां दुनिया भर में आर्थिक मंदी की आशंकाएं लगातार बढ़ रही है वहीं दूसरी ओर शेयर मार्केट के धड़ाधड़ गिरने के कारण सोने में आग लग गई है। सोने की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी ने निवेशकों और उपभोक्ताओं के बीच हलचल मचा दी है। जहां कुछ दिनों पहले सोने की कीमतों ने ₹91,400 और ₹94,000 के स्तर को छुआ, वहीं एक नई भविष्यवाणी सामने आई है, जो गोल्ड मार्केट में हड़कंप मचा सकती है। अनुमान है कि सोने की कीमतें ₹1 लाख के स्तर को छूने के बजाय ₹55,000 तक गिर सकती हैं, यानी 40% तक की गिरावट हो सकती है! आइए जानते हैं इस भविष्यवाणी के पीछे क्या वजहें हैं और यह क्यों संभव हो सकता है।

सोने की कीमतों में जबरदस्त गिरावट का अनुमान

हालिया वर्षों में गोल्ड की कीमतों में निरंतर वृद्धि देखने को मिली है। लेकिन इस साल अब तक गोल्ड की कीमतों में 20% तक की तेजी आई है, चाहे वह स्पॉट मार्केट हो या फिर वायदा बाजार। अब निवेशकों पर दबाव साफ नजर आ रहा है, और इस बीच अमेरिकी विश्लेषक ने गोल्ड की कीमतों में 38% तक की गिरावट की भविष्यवाणी की है। अमेरिकी रिसर्च फर्म 'मॉर्निंगस्टार' के अनुसार, गोल्ड की कीमतें ₹90,000 के आसपास से गिरकर ₹55,000 प्रति 10 ग्राम तक आ सकती हैं।

इन कारणों की वजह से गिरेगी सोने की कीमतें

सोने की कीमतों में तेजी के पीछे प्रमुख कारण आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई की चिंताएँ और जियोपॉलिटिकल टेंशन रहे हैं। खासकर अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान व्यापार विवादों के चलते गोल्ड की कीमतों में भारी उछाल आया था। हालांकि, अब कुछ ऐसे कारण हैं जो सोने की कीमतों को नीचे ला सकते हैं:

  1. बढ़ी हुई सप्लाई: सोने का उत्पादन बढ़ चुका है, और 2024 की दूसरी तिमाही में माइनिंग प्रॉफिट 950 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया है। वैश्विक रिजर्व में 9% की बढ़ोतरी हुई है, और ऑस्ट्रेलिया ने अपने उत्पादन को भी बढ़ाया है।
  2. कम होती डिमांड: पिछले साल केंद्रीय बैंकों ने 1,045 टन सोना खरीदा था, लेकिन अब इनकी डिमांड घट सकती है। एक सर्वे के मुताबिक, 71% केंद्रीय बैंक अपने सोने की होल्डिंग को घटाने या बनाए रखने की योजना बना रहे हैं।
  3. मार्केट सैचुरेशन: 2024 में गोल्ड सेक्टर में मर्जर और अधिग्रहण की संख्या में 32% की वृद्धि हुई है, जो बाजार के स्थिरता की ओर इशारा करता है।

कुछ वित्तीय संस्थाओं ने जताई सोने में तेजी की आशंका

हालांकि, कुछ प्रमुख वित्तीय संस्थाएँ जैसे बैंक ऑफ अमेरिका और गोल्डमैन सैक्स, सोने की कीमतों में वृद्धि का अनुमान लगा रही हैं। बैंक ऑफ अमेरिका का कहना है कि सोने की कीमतें अगले दो वर्षों में $3,500 प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं, जबकि गोल्डमैन सैक्स को उम्मीद है कि साल के अंत तक कीमतें $3,300 प्रति औंस हो सकती हैं।

गोल्ड अभी भी है सुरक्षित निवेश

गोल्ड की कीमतों में आगे क्या होगा, यह अगले कुछ महीनों में तय होगा। अभी तक गोल्ड के दाम MCX पर ₹90,470 के आसपास कारोबार कर रहे हैं, जो अपने उच्चतम स्तर से ₹1,000 कम हैं। आने वाले समय में सोने के दाम में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। यदि इंटरनेशनल अर्थव्यवस्था में सुधार होता है तो निश्चित रूप से सोना गिर सकता है, अन्यथा सोने में और भी अधिक तेजी आ सकती है।

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