चारधाम यात्रा में बड़ा बदलाव, श्रद्धालुओं के लिए जरूरी होगा मेडिकल टेस्ट...यह जानें क्या करें, क्या ना करें!
Char Dham Yatra 2025: चारधाम यात्रा 2025 को सुरक्षित, सुविधाजनक और सफल बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देश पर, स्वास्थ्य विभाग ने यात्रियों के लिए खास हेल्थ एडवाइजरी जारी की है, और वह भी 12 भाषाओं में, ताकि देशभर से आने वाले श्रद्धालु आसानी से जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकें। इस बार यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सेहत पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे यात्रा अनुभव सुखद और सुरक्षित बने।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि इस बार यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सेहत पर सबसे ज्यादा ध्यान रखा जाएगा। सभी राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों को भी पत्र भेजकर गाइडलाइंस का प्रचार-प्रसार करने की अपील की गई है, ताकि इस महापर्व में हर श्रद्धालु को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
यात्रा के दौरान हेल्थ एटीएम ...मेडिकल सहायता
यात्रा के मार्ग पर हर महत्वपूर्ण स्थान पर हेल्थ एटीएम और 24x7 टेलीमेडिसिन सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी, ताकि किसी भी श्रद्धालु को स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं का सामना न करना पड़े। इसके अलावा, यात्रा मार्ग पर BP, शुगर, ऑक्सीजन लेवल सहित कुल 28 पैरामीटर की जांच के लिए स्क्रीनिंग प्वाइंट्स भी बनाए गए हैं, जहां श्रद्धालुओं की सेहत का नियमित चेकअप किया जाएगा।
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर विशेष इंतजाम
विशेष रूप से केदारनाथ यात्रा मार्ग पर सरकार ने कई हेल्थ रिलीफ पोस्ट और पीएचसी सेंटर स्थापित किए हैं। यहां 10 मेडिकल रिलीफ पोस्ट और 2 पीएचसी सेंटर होंगे, जिससे यात्रा के दौरान मेडिकल सहायता आसानी से उपलब्ध हो सके। साथ ही, गुप्तकाशी, फाटा, गौरीकुंड और नारायणकोटी में हेल्थ एटीएम लगाए जाएंगे।
स्वैच्छिक सेवा देने वाले डॉक्टर
सरकार ने देशभर के डॉक्टरों और विशेषज्ञों से अपील की है कि वे चारधाम यात्रा के दौरान अपनी सेवा देने के लिए आगे आएं। ये डॉक्टर कम से कम 15 दिन तक सेवा देने के लिए तैयार होंगे ताकि यात्रा मार्ग पर हर श्रद्धालु को तुरंत और प्रभावी इलाज मिल सके।
यात्रा से पहले करें ये 5 काम
हेल्थ चेकअप कराएं: यात्रा से पहले अपने स्वास्थ्य का पूर्ण चेकअप कराना जरूरी है।
यात्रा की योजना बनाएं: यात्रा की योजना कम से कम 7 दिन पहले बनाएं ताकि स्वास्थ्य से जुड़ी कोई भी समस्या न हो।
समान रखें: यात्रा के दौरान हल्के और गरम कपड़े, रेनकोट, छाता और पल्स ऑक्सीमीटर रखें।
विश्राम करें: यात्रा के दौरान हर 1-2 घंटे में 5-10 मिनट का विश्राम करें।
आपातकालीन स्थिति में जाएं: अगर सीने में दर्द, सांस लेने में कठिनाई या चक्कर आने जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत मेडिकल रिलीफ प्वाइंट पर जाएं।
12 भाषाओं में एडवाइजरी जारी
यह सुनिश्चित करने के लिए कि किसी भी श्रद्धालु को स्वास्थ्य जानकारी की कमी न हो, उत्तराखंड सरकार ने इस हेल्थ एडवाइजरी को 12 भाषाओं में जारी किया है। इनमें हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, बांग्ला, उड़िया, गुजराती, मराठी, पंजाबी और असमिया शामिल हैं। यह पहल यह सुनिश्चित करती है कि किसी भी भाषा को न समझने वाले श्रद्धालु को कोई परेशानी न हो और वे आसानी से यात्रा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकें।
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